बहुप्रतिक्षित श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना (एएचपीसीएल पोषित) की पाइप लाइन बिछाने पर एक बार फिर गतिरोध हो गया है। सुपाणा के निवासियों ने कोटेश्वर-सुपाणा मोटर पुल से पाइप लाइन बिछाने का विरोध किया है, जिसके चलते बृहस्पतिवार को पाइप बिछाने पहुंचे जल निगम देवप्रयाग के कर्मियों को लौटना पड़ा। विरोध की सूचना पर एसडीएम कीर्तिनगर रजा अब्बास और कोतवाल जवाहर लाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण माने नहीं।
सालों के इंतजार के बाद शुरू हुआ श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना का निर्माण फिलहाल अटक गया है। उक्त योजना से श्रीनगर, पौड़ी व श्रीकोट में जलापूर्ति की जानी है। इसका स्रोत श्रीनगर जल विद्युत परियोजना का डीएसबी (डीसिल्ट बेसिन) है। डीएसबी टिहरी जिले के सुपाणा गांव के समीप है। वर्तमान में योजना का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। सिर्फ अलकनंदा नदी के ऊपर निर्मित पुल से डीएसबी तक पाइप बिछाए जाने शेष हैं। जिस पर सुपाणावासियों को ऐतराज है। पूर्व में कार्यदायी संस्था जल निगम देवप्रयाग ने जब भी यहां सुपाणा क्षेत्र में पाइप बिछाने के प्रयास किए, तो ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया। बृहस्पतिवार को एक बार और कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। मौके पर पहुंचे जल निगम के अधिशासी अभियंता आरएस बिष्ट ने बताया कि फिलहाल मजदूर नहर की दिशा में पाइप बिछा रहे हैं, उसे बिछाने दे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने कहा कि ऐसा बहाना करके निगम पुल पर भी लाइन बिछा देगा। पुल पर पाइप लाइन बिछनत्ने से जगह कम हो जाएगी। बाद में तय हुआ कि शुक्रवार को एसडीएम रजा अब्बास के साथ दोनों पक्षों की बैठक होगी। जिसमें समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।