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पेयजल समस्या से जूझ रहे देलचौरी के ग्रामीण
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विकास खंड कोट के देलचौरी क्षेत्र के ग्रामीण कई दिन से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने पेयजल निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की है।
स्टाप टीयर्स संस्था के संस्थापक प्रमोद बमराड़ा ने कहा कि कोरोना काल में भी ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा है। एक माह पूर्व से सांपला गांव के पास बैडूला में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। इस कारण मुख्य टैंक कांडा तक बहुत कम पानी पहुंच रहा है। समस्या के बारे में जानकारी होने के बाद भी विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सांपला, सेमला, बेलकंडी, चामपाणी, कोस्याल, धौलकंडी, गोदीगाड, श्रीपुर व देलचौरी के ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन जानकारी होने के बाद भी विभाग समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रधान धौलकंडी सुमित्रा देवी ने भी मुख्यमंत्री व विधायक को शिकायत दी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बेलकंडी के धर्मवीर नेगी, चामपाणी के जयपाल, सोनू नेगी, कोस्याल के राकेश नेगी व सेमला ने रोष जताते हुए प्रशासन और विभाग के अधीक्षण अभियंता से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की है।
वहीं पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा का कहना है कि देलचौरी क्षेत्र के कई गांवों में 1992 में बनी घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज की पंपिंग पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। अत्यधिक जर्जर होने से आए दिन पाइप फट रहे हैं। इस कारण अनुरक्षण पर अधिक खर्च आ रहा है लेकिन कॉलेज ने दो वर्ष से कोई पैसा नहीं दिया है। इस कारण विभाग पर गत वर्ष की 14 लाख की देनदारी है। मंगलवार को क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत करवाई जाएगी।
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स्टाप टीयर्स संस्था के संस्थापक प्रमोद बमराड़ा ने कहा कि कोरोना काल में भी ग्रामीणों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा है। एक माह पूर्व से सांपला गांव के पास बैडूला में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। इस कारण मुख्य टैंक कांडा तक बहुत कम पानी पहुंच रहा है। समस्या के बारे में जानकारी होने के बाद भी विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि सांपला, सेमला, बेलकंडी, चामपाणी, कोस्याल, धौलकंडी, गोदीगाड, श्रीपुर व देलचौरी के ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन जानकारी होने के बाद भी विभाग समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रधान धौलकंडी सुमित्रा देवी ने भी मुख्यमंत्री व विधायक को शिकायत दी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बेलकंडी के धर्मवीर नेगी, चामपाणी के जयपाल, सोनू नेगी, कोस्याल के राकेश नेगी व सेमला ने रोष जताते हुए प्रशासन और विभाग के अधीक्षण अभियंता से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की है।
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वहीं पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा का कहना है कि देलचौरी क्षेत्र के कई गांवों में 1992 में बनी घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज की पंपिंग पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है। अत्यधिक जर्जर होने से आए दिन पाइप फट रहे हैं। इस कारण अनुरक्षण पर अधिक खर्च आ रहा है लेकिन कॉलेज ने दो वर्ष से कोई पैसा नहीं दिया है। इस कारण विभाग पर गत वर्ष की 14 लाख की देनदारी है। मंगलवार को क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत करवाई जाएगी।
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