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जन सुनवाई में ग्रामीणों ने की खनन पट्टा निरस्त किए जाने की मांग
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विकास खंड कीर्तिनगर के नैथाणा और रानीहाट गांव के समीप अलकनंदा नदी तट पर संचालित हो रहे खनन पट्टे से पर्यावरणीय प्रभाव के आकलन के लिए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जन सुनवाई आयोजित की गई। इस मौके पर लोगों ने खनन पट्टे का विरोध कर पट्टा निरस्त करने की मांग की।
मंगलवार को अपर जिलाधिकारी टिहरी रामजी शरण शर्मा की मौजूदगी में खनन पट्टे की पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर रानीहाट गांव के समीप संचालित हो रहे खनन पट्टे में जन सुनवाई की गई। इस मौके पर ग्रामीणों ने खनन पट्टे का जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन पट्टा संचालित होने से उनकी गोचरान भूमि और स्टेडियम को नुकसान पहुंच रहा है। खनन से कोटेश्वर सिल्काखाल पंपिंग पेयजल योजना का पानी भी दूषित हो रहा है। ग्रामीणों ने जन सुनवाई में मौजूद अधिकारियों से खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की है।
वहीं, जन सुनवाई में मौजूद खनन पट्टा संचालक सत्या सिंह राणा ने कहा कि वह वर्ष 1987 से खनन पट्टे का संचालन कर रहे हैं। वहां पर खेल मैदान का निर्माण किए जाने पर उनकी कोई आपत्ति नहीं है। ग्रामीणों की सहमति पर ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने खनन पट्टे के समीप क्रशर लगाए जाने की खबर को गलत बताया। इस मौके पर एसडीएम कीर्तिनगर सोनिया पंत, तहसीलदार सुनील राज, पर्यावरण सलाहकार डा. सुरेंद्र विक्रम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राकेश कंडारी, ग्रामीण हरेंद्र मंद्रवाल, अमर सिंह निजवाला, संपूर्णा नंद सेमवाल, मनोज जोशी, केवल सिंह कठैत, दीपक, नंद किशोर, विनोद चौहान आदि मौजूद थे।
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जारी
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मंगलवार को अपर जिलाधिकारी टिहरी रामजी शरण शर्मा की मौजूदगी में खनन पट्टे की पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर रानीहाट गांव के समीप संचालित हो रहे खनन पट्टे में जन सुनवाई की गई। इस मौके पर ग्रामीणों ने खनन पट्टे का जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन पट्टा संचालित होने से उनकी गोचरान भूमि और स्टेडियम को नुकसान पहुंच रहा है। खनन से कोटेश्वर सिल्काखाल पंपिंग पेयजल योजना का पानी भी दूषित हो रहा है। ग्रामीणों ने जन सुनवाई में मौजूद अधिकारियों से खनन पट्टा निरस्त करने की मांग की है।
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वहीं, जन सुनवाई में मौजूद खनन पट्टा संचालक सत्या सिंह राणा ने कहा कि वह वर्ष 1987 से खनन पट्टे का संचालन कर रहे हैं। वहां पर खेल मैदान का निर्माण किए जाने पर उनकी कोई आपत्ति नहीं है। ग्रामीणों की सहमति पर ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने खनन पट्टे के समीप क्रशर लगाए जाने की खबर को गलत बताया। इस मौके पर एसडीएम कीर्तिनगर सोनिया पंत, तहसीलदार सुनील राज, पर्यावरण सलाहकार डा. सुरेंद्र विक्रम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राकेश कंडारी, ग्रामीण हरेंद्र मंद्रवाल, अमर सिंह निजवाला, संपूर्णा नंद सेमवाल, मनोज जोशी, केवल सिंह कठैत, दीपक, नंद किशोर, विनोद चौहान आदि मौजूद थे।
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