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शोध में आधुनिक उपकरणों का उपयोग महत्वपूर्ण : डाॅ. चौहान
Mon, 16 Mar 2026 07:12 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 07:12 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय के हिमालयन जलीय जैव विविधता विभाग में आधुनिक उपकरण एवं शोध को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ. जसपाल सिंह चौहान ने किया। उन्होंने शोध में आधुनिक उपकरणों के उपयोग को महत्वपूर्ण बताया। डाॅ. चौहान ने कहा कि आइडिया कैफे स्ट्रक्चर एंड क्लाइमेट सेल का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करना है, जिससे नए विचारों को प्रोत्साहन मिल सके और बेहतर शोध कार्य के लिए नई पहल विकसित हो सकें। इस मौके पर पहले सत्र में डॉ. प्रशांत थपलियाल ने संरचनात्मक, इमेजिंग एवं विद्युत-यांत्रिक तकनीकों द्वारा पदार्थों के विश्लेषण विषय पर व्याख्यान दिया। दूसरे सत्र में डॉ. सुरेन्द्र पुरी ने पृथक्करण विज्ञान विषय पर जानकारी देते हुए विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के बारे में बताया। तीसरे सत्र में डॉ. रोहित महर ने उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों की बहुविषयी शोध में भूमिका पर व्याख्यान दिया। मौके पर डॉ. प्रशांत आर्य, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. भास्करन, डॉ. आशीष बहुगुणा, डॉ. कोशल कुमार आदि मौजूद रहे। डॉ
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श्रीनगर। गढ़वाल विश्वविद्यालय के हिमालयन जलीय जैव विविधता विभाग में आधुनिक उपकरण एवं शोध को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ. जसपाल सिंह चौहान ने किया। उन्होंने शोध में आधुनिक उपकरणों के उपयोग को महत्वपूर्ण बताया। डाॅ. चौहान ने कहा कि आइडिया कैफे स्ट्रक्चर एंड क्लाइमेट सेल का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करना है, जिससे नए विचारों को प्रोत्साहन मिल सके और बेहतर शोध कार्य के लिए नई पहल विकसित हो सकें। इस मौके पर पहले सत्र में डॉ. प्रशांत थपलियाल ने संरचनात्मक, इमेजिंग एवं विद्युत-यांत्रिक तकनीकों द्वारा पदार्थों के विश्लेषण विषय पर व्याख्यान दिया। दूसरे सत्र में डॉ. सुरेन्द्र पुरी ने पृथक्करण विज्ञान विषय पर जानकारी देते हुए विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के बारे में बताया। तीसरे सत्र में डॉ. रोहित महर ने उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों की बहुविषयी शोध में भूमिका पर व्याख्यान दिया। मौके पर डॉ. प्रशांत आर्य, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. भास्करन, डॉ. आशीष बहुगुणा, डॉ. कोशल कुमार आदि मौजूद रहे। डॉ