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बेस अस्पताल में रेपिड एंटीजन जांच न कराए जाने पर हंगामा
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श्रीकोट बेस चिकित्सालय में डॉक्टरो का घेराव करते अभाविप कार्यकर्ता
- फोटो : SHRINAGAR
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल मेें रेपिड एंटीजन टेस्ट न कराए जाने पर हंगामा हो गया। स्थानीय युवाओं ने विरोध स्वरूप अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में अस्पताल प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों का टेस्ट कराए जाने का आश्वासन मिलने के बाद मामला शांत हो गया।
जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल में प्री बोर्ड परीक्षाएं होने वाली हैं। छात्रों को स्कूल में प्रवेश के लिए कोरोना जांच के लिए रेपिड एंटीजन टेस्ट कराने को कहा गया था। टिहरी जिले के लोस्तु से तीन छात्र बेस अस्पताल में टेस्ट कराने आए, लेकिन उनको मना कर दिया गया। छात्रों के परिजनों ने स्कूल में बिना जांच रिपोर्ट के प्रवेश नहीं मिलने की बात कहते हुए टेस्ट कराने का अनुरोध किया। लेकिन संबंधित विभाग नहीं माना।
एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य ऋतांशु कंडारी ने बताया कि उक्त छात्र तीन बार बेस अस्पताल आए, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। स्टाफ के मना करने पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह को फोन कर टेस्ट हेतु निर्देशित कराने का अनुरोध किया गया। डॉ. सिंह ने स्टाफ को जांच कराने हेतु कहा, लेकिन जांच संबंधी कार्य के नोडल अधिकारी ने मना कर दिया।
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इससे आक्रोशित स्थानीय युवा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में पहुंचे। युवाओं ने कहा कि टेस्ट कराने पहुंच रहे लोगों को परेशान किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी प्रो. केएस बुटोला ने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक सिर्फ उन्हीं लोगों के रेपिड टेस्ट होंगे, जिनमें लक्षण हैं। अन्य की आरटीपीसीआर जांच होगी। उन्होंने बताया कि संबंधित छात्रों में कोई लक्षण नहीं थे, इसलिए उन्हें आरटीपीसीआर जांच कराने को कहा गया। वार्ता के दौरान युवाओं की अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई। बाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिंह ने कहा कि जरूरतमंदों की रेपिड जांच की जाएगी। तब मामला शांत हुआ। इस मौके पर नपा सभासद विभोर बहुगुणा, संदीप राणा, ऋषभ रावत, अमित, मुकुल व देवेंद्र आदि मौजूद थे।
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जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल में प्री बोर्ड परीक्षाएं होने वाली हैं। छात्रों को स्कूल में प्रवेश के लिए कोरोना जांच के लिए रेपिड एंटीजन टेस्ट कराने को कहा गया था। टिहरी जिले के लोस्तु से तीन छात्र बेस अस्पताल में टेस्ट कराने आए, लेकिन उनको मना कर दिया गया। छात्रों के परिजनों ने स्कूल में बिना जांच रिपोर्ट के प्रवेश नहीं मिलने की बात कहते हुए टेस्ट कराने का अनुरोध किया। लेकिन संबंधित विभाग नहीं माना।
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एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य ऋतांशु कंडारी ने बताया कि उक्त छात्र तीन बार बेस अस्पताल आए, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। स्टाफ के मना करने पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केपी सिंह को फोन कर टेस्ट हेतु निर्देशित कराने का अनुरोध किया गया। डॉ. सिंह ने स्टाफ को जांच कराने हेतु कहा, लेकिन जांच संबंधी कार्य के नोडल अधिकारी ने मना कर दिया।
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इससे आक्रोशित स्थानीय युवा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में पहुंचे। युवाओं ने कहा कि टेस्ट कराने पहुंच रहे लोगों को परेशान किया जा रहा है। मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी प्रो. केएस बुटोला ने बताया कि आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक सिर्फ उन्हीं लोगों के रेपिड टेस्ट होंगे, जिनमें लक्षण हैं। अन्य की आरटीपीसीआर जांच होगी। उन्होंने बताया कि संबंधित छात्रों में कोई लक्षण नहीं थे, इसलिए उन्हें आरटीपीसीआर जांच कराने को कहा गया। वार्ता के दौरान युवाओं की अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई। बाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिंह ने कहा कि जरूरतमंदों की रेपिड जांच की जाएगी। तब मामला शांत हुआ। इस मौके पर नपा सभासद विभोर बहुगुणा, संदीप राणा, ऋषभ रावत, अमित, मुकुल व देवेंद्र आदि मौजूद थे।