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रेल प्रोजेक्ट के तहत गांव के नीचे बन रही सुरंग, घरों में आईं दरारें
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नगर पालिका क्षेत्र देवप्रयाग सौड़ में रेल परियोजना के तहत किए जा रहे सुरंग निर्माण में विस्फोटकों के प्रयोग से धरती कांपने लगी है। ग्रामीणों का घरों के अंदर रहना मुश्किल हो गया है। भयभीत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सौड़ निवासी सुधीर टोडरिया ने बताया कि परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान आरवीएन के अधिकारियों ने कहा था कि उनके गांव के नीचे से बनाए जाने वाली सबसे लंबी सुरंग में टर्मिनल बोरिंग मशीन का प्रयोग किया जाएगा। लेकिन अब भारी विस्फोटकों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे उनके भवन हिल रहे हैं और बुनियाद खोखली हो चुकी है। भवनों में भारी दरारें आने से लोगों में डर बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को मैनेजर राहुल शर्मा ने भवनों का निरीक्षण किया था। टोडरिया ने बताया कि वे दिल्ली में रहते हैं और उनकी वृद्ध मां गांव में अकेली हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हेें भवन के प्रथम तल पर सीसी पिलरों का निर्माण करना पड़ रहा है। लेकिन विस्फोटों के कारण वे भवन का पुनर्निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं।
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सुरंग के अंदर सीमित तौर पर विस्फोटकों का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही कंपन नापने के लिए मीटर लगाया गया है। जबकि जिलाधिकारी की ओर से कमेटी का गठन भी किया गया है। जो भवनों पर आई दरारों और अन्य समस्याओं का निस्तारण करेगी।
-ओपी मालगुड़ी, जन संपर्क अधिकारी आरवीएनएल।
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सौड़ निवासी सुधीर टोडरिया ने बताया कि परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान आरवीएन के अधिकारियों ने कहा था कि उनके गांव के नीचे से बनाए जाने वाली सबसे लंबी सुरंग में टर्मिनल बोरिंग मशीन का प्रयोग किया जाएगा। लेकिन अब भारी विस्फोटकों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे उनके भवन हिल रहे हैं और बुनियाद खोखली हो चुकी है। भवनों में भारी दरारें आने से लोगों में डर बना हुआ है।
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उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को मैनेजर राहुल शर्मा ने भवनों का निरीक्षण किया था। टोडरिया ने बताया कि वे दिल्ली में रहते हैं और उनकी वृद्ध मां गांव में अकेली हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हेें भवन के प्रथम तल पर सीसी पिलरों का निर्माण करना पड़ रहा है। लेकिन विस्फोटों के कारण वे भवन का पुनर्निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं।
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सुरंग के अंदर सीमित तौर पर विस्फोटकों का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही कंपन नापने के लिए मीटर लगाया गया है। जबकि जिलाधिकारी की ओर से कमेटी का गठन भी किया गया है। जो भवनों पर आई दरारों और अन्य समस्याओं का निस्तारण करेगी।
-ओपी मालगुड़ी, जन संपर्क अधिकारी आरवीएनएल।