{"_id":"6adb4f1768d679bb1b096ba9","slug":"to-strengthen-the-healthcare-system-research-must-be-translated-into-practical-application-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-127742-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शोध को धरातल पर उतारना होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शोध को धरातल पर उतारना होगा
Fri, 23 Oct 2026 05:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 23 Oct 2026 05:42 PM IST
विज्ञापन
फोटो
आईएपीएसएम के 29 वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे विशेषज्ञ, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, स्वच्छता और रोग नियंत्रण पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड राज्य शाखा के 29वें आईएपीएसएम राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूत बनाने के उपायों पर मंथन करेंगे। कहा गया कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शोध को धरातल पर उतारना होगा। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, स्वच्छता और रोग नियंत्रण पर जोर दिया गया।
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और जनस्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां वर्तमान समय के प्रमुख विषय हैं। इनसे निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग और शोध आधारित स्वास्थ्य नीतियां विकसित करना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाले उपचार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शोध को धरातल पर उतारना, आधुनिक तकनीक का लाभ सभी तक पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। आईएपीएसएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कोतवाल ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान देना होगा। नई पीढ़ी के जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल विद्यार्थियों को एआई के उपयोग, उसकी सीमाओं और संभावनाओं से परिचित कराना होगा ताकि वे इसका जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल कर सकें। सम्मेलन में पौड़ी की सीएमओ डॉ. मेघना असवाल ने स्वास्थ्य मंत्री से जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती का अनुरोध किया। सम्मेलन में आईएपीएसएम के राष्ट्रीय सचिव डॉ. मनीष कुमार सिंह, स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. हरिशंकर जोशी, स्टेट सेक्रेटरी डॉ. संदीप कुमार, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत, आयोजन अध्यक्ष डॉ. जानकी बर्त्वाल और सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ, फैकल्टी सदस्य और मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
-- -- -- -- -
13 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण
मेडिकल कालेज में आयोजित 29 वें आईएपीएसएम राष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने 13 करोड़ 43 लाख 39 हजार निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने प्राचार्य की मांग पर चौरास में मेडिकल कालेज आवासीय भवनों को अपग्रेड करने और काॅलेज के लिए स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की। 150 लाख रुपये की लागत से यू-स्किल सेंटर में उपकरण आदि की स्थापना और बेस अस्पताल परिसर में 245.54 की लागत से बने 15 संकाय सदस्यों के लिए हास्टल निर्माण कार्य का लोकार्पण, टाइप-5 के आठ आवासों के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी स्वास्थ्य मंत्री ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईएपीएसएम के 29 वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे विशेषज्ञ, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, स्वच्छता और रोग नियंत्रण पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड राज्य शाखा के 29वें आईएपीएसएम राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने किया। दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को मजबूत बनाने के उपायों पर मंथन करेंगे। कहा गया कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शोध को धरातल पर उतारना होगा। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, स्वच्छता और रोग नियंत्रण पर जोर दिया गया।
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और जनस्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां वर्तमान समय के प्रमुख विषय हैं। इनसे निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग और शोध आधारित स्वास्थ्य नीतियां विकसित करना जरूरी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाले उपचार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शोध को धरातल पर उतारना, आधुनिक तकनीक का लाभ सभी तक पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। आईएपीएसएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कोतवाल ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान देना होगा। नई पीढ़ी के जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल विद्यार्थियों को एआई के उपयोग, उसकी सीमाओं और संभावनाओं से परिचित कराना होगा ताकि वे इसका जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल कर सकें। सम्मेलन में पौड़ी की सीएमओ डॉ. मेघना असवाल ने स्वास्थ्य मंत्री से जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती का अनुरोध किया। सम्मेलन में आईएपीएसएम के राष्ट्रीय सचिव डॉ. मनीष कुमार सिंह, स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. हरिशंकर जोशी, स्टेट सेक्रेटरी डॉ. संदीप कुमार, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत, आयोजन अध्यक्ष डॉ. जानकी बर्त्वाल और सचिव डॉ. सुरेंद्र सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ, फैकल्टी सदस्य और मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विज्ञापन
13 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण
मेडिकल कालेज में आयोजित 29 वें आईएपीएसएम राष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने 13 करोड़ 43 लाख 39 हजार निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने प्राचार्य की मांग पर चौरास में मेडिकल कालेज आवासीय भवनों को अपग्रेड करने और काॅलेज के लिए स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की। 150 लाख रुपये की लागत से यू-स्किल सेंटर में उपकरण आदि की स्थापना और बेस अस्पताल परिसर में 245.54 की लागत से बने 15 संकाय सदस्यों के लिए हास्टल निर्माण कार्य का लोकार्पण, टाइप-5 के आठ आवासों के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी स्वास्थ्य मंत्री ने किया।
विज्ञापन