{"_id":"6833556e8651cffd960660ac","slug":"there-is-a-need-for-digital-preservation-of-folk-culture-shrinagar-news-c-5-1-gkp1010-699646-2025-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: लोक संस्कृति के डिजिटल संरक्षण की है जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: लोक संस्कृति के डिजिटल संरक्षण की है जरूरत
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक संगीत, साहित्यिक विरासत एवं धार्मिक परंपराओं के संवर्द्धन एवं संरक्षण के लिए कार्य कर रहे संस्कृति कर्मी एक मंच पर एकजुट होंगे। वरिष्ठ संस्कृति कर्मी प्रो. डीआर पुरोहित ने पत्रकार वार्ता में कहा कि धीरे-धीरे लोक संस्कृति और लोक परंपराओं का ह्रास हो रहा है। जिसके संवर्धन एवं संरक्षण के लिए बहुत कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने लोक संस्कृति एवं लोक परंपरा को डिजिटली संरक्षण के लिए ई-लाइब्रेरी की बड़ी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति के संवर्धन के लिए समर्पित साहित्यकारों, संस्कृति कर्मियों एवं शोधकर्ताओं की ओर से राज्य की सांस्कृतिक चेतना को संरक्षित रखने के लिए एक सामूहिक पहल की जा रही है। जिसके तहत 22 एवं 23 जून को गढ़वाल विवि के एक्टिविटी सेंटर में धरोहर न्यास की ओर से लोक धरोहर संवाद का आयोजन किया जाएगा।