पतंजलि योगपीठ हरिद्वार की ओर से यहाँ नक्षत्र वेधशाला में संग्रहित दुर्लभ पांडुलिपियों के अध्ययन व शोध कार्य की शुरुआत की गयी। इसके तहत पतंजलि की पाँच सदस्य टीम द्वारा विभिन्न विषयों के प्राचीन ग्रंथों को सूचीबद्ध किया गया, जिससे अब इन ग्रंथों के अध्ययन और शोधकार्य की उम्मीद जगी है।
शुक्रवार को पतंजलि योगपीठ संचालक आचार्य बालकृष्ण के निर्देश पर पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज, आचार्य कुलम शिक्षण संस्थान, वैदिक कुलम संस्था व पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क की पांच सदस्य टीम नक्षत्र वेधशाला पहुंची, जहां आयुर्वेद, ज्योतिष, वास्तु, रसायन, संस्कृत साहित्य, व्याकरण आदि दुर्लभ ग्रंथों का अवलोकन कर उन्हें सूचीबद्ध किया गया है। डॉ राजेश मिश्रा व स्वामी अखिलेशानंद के नेतृत्व में टीम द्वारा विभिन्न उपयोगी ग्रंथों को शोध व अध्ययन के लिए सूचीबद्ध किया गया है। टीम द्वारा भविष्य में इन ग्रंथों के माध्यम से पतंजलि में महत्वपूर्ण शोधों को अंजाम दिया जाएगा। इस मौके पर नक्षत्र वेधशाला संचालक आचार्य भास्कर जोशी, सविता, करुणा, स्वाति आदि मौजूद थे। संवाद