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छात्रों ने किया परीक्षा नियंत्रक का घेराव
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गढ़वाल विवि में परीक्षा नियंत्रक का घेराव करते छात्र
- फोटो : SHRINAGAR
विलंब शुल्क लेकर परीक्षाफल घोषित करने, स्नातक छात्रों को परीक्षा फार्म भरने के लिए मौका देने और परीक्षाफल में सुधार की मांग के लिए गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय मेें दिनभर हंगामा चलता रहा। आक्रोशित छात्रों ने दोपहर बाद परीक्षा नियंत्रक का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों और परीक्षा नियंत्रक के बीच तीखी बहस भी हुई। छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे परीक्षा नियंत्रक को ऑफिस से बाहर नहीं जाने देंगे। समाचार लिखे जाने तक छात्र परीक्षा नियंत्रक कक्ष के अंदर धरने पर बैठे हुए थे।
सोमवार सुबह 20-25 छात्र-छात्राएं विभिन्न मांगों के लिए विवि मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने लगभग आधा घंटे गेट पर धरना दिया। दोपहर लगभग 12 बजे छात्रों की प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट से मुलाकात हुई। छात्रों ने कहा कि करोना महामारी के दौरान कुछ छात्र परीक्षा आवेदन शुल्क जमा करने से वंचित रह गए। विलंब शुल्क लेकर उनका रिजल्ट घोषित किया जाए। जिस प्रकार स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है, उसी प्रकार स्नातक के छात्रों को भी एक मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने समय पर एसाइनमेंट जमा कर दिया था। इसके बावजूद उनको अनुपस्थित दर्शाया गया है।
प्रति कुलपति से वार्ता के पश्चात छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय आ गए। इसी दौरान यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जय हो व आर्यन छात्र संगठन के सदस्य भी आ गए। इसके बाद सभी छात्र परीक्षा नियंत्रक कक्ष में धरने पर बैठ गए। परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरुण रावत ने कहा कि वर्ष 2021 का शुल्क अब जमा नहीं हो सकता। जिन छात्रों के एसाइनमेंट समय पर जमा हुए थे उनके परीक्षाफल संशोधित कर घोषित किए गए हैं। छात्रों ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तब तक छात्र व परीक्षा नियंत्रक घर नहीं जाएंगे।
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घेराव करने वालों में सूरज, सौरभ चंद्र सानू, गौरव मोहन, सुधांशु थपलियाल, सम्राट राणा, अंकित झिंक्वाण, संदीप राणा और देवकांत देवराड़ी आदि सहित कई शामिल थे।
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सोमवार सुबह 20-25 छात्र-छात्राएं विभिन्न मांगों के लिए विवि मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने लगभग आधा घंटे गेट पर धरना दिया। दोपहर लगभग 12 बजे छात्रों की प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट से मुलाकात हुई। छात्रों ने कहा कि करोना महामारी के दौरान कुछ छात्र परीक्षा आवेदन शुल्क जमा करने से वंचित रह गए। विलंब शुल्क लेकर उनका रिजल्ट घोषित किया जाए। जिस प्रकार स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है, उसी प्रकार स्नातक के छात्रों को भी एक मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि कई छात्रों ने समय पर एसाइनमेंट जमा कर दिया था। इसके बावजूद उनको अनुपस्थित दर्शाया गया है।
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प्रति कुलपति से वार्ता के पश्चात छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय आ गए। इसी दौरान यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जय हो व आर्यन छात्र संगठन के सदस्य भी आ गए। इसके बाद सभी छात्र परीक्षा नियंत्रक कक्ष में धरने पर बैठ गए। परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरुण रावत ने कहा कि वर्ष 2021 का शुल्क अब जमा नहीं हो सकता। जिन छात्रों के एसाइनमेंट समय पर जमा हुए थे उनके परीक्षाफल संशोधित कर घोषित किए गए हैं। छात्रों ने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तब तक छात्र व परीक्षा नियंत्रक घर नहीं जाएंगे।
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घेराव करने वालों में सूरज, सौरभ चंद्र सानू, गौरव मोहन, सुधांशु थपलियाल, सम्राट राणा, अंकित झिंक्वाण, संदीप राणा और देवकांत देवराड़ी आदि सहित कई शामिल थे।