{"_id":"5d4ad6928ebc3e6cab1f77ee","slug":"state-activists-announced-the-cross-battle-pauri-news-drn3155755150","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य आंदोलनकारियों ने किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य आंदोलनकारियों ने किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान
विज्ञापन
राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार की उदासीनता से आहत होकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। कहा कि 8 अगस्त को मुख्यालय पौड़ी से ही राज्य आंदोलन की चिंगारी फूटी थी। लेकिन आज पौड़ी में ही राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया।
मंगलवार को मुख्यालय पौड़ी में राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच की प्रदेश सचिव बीरा भंडारी ने बताया कि मंच 8 अगस्त को राज्य आंदोलनकारियों व शहीदों के परिजनों को सम्मानित करेगा। यह सम्मान समारोह प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। जिले में 824 आंदोलनकारी चिह्नित किए गए हैं, लेकिन उनकी सूची जारी नहीं की जा रही है।
कहा कि 10 प्रतिशत क्षेतिज आरक्षण, एक समान वेतन, चिह्नित 824 आंदोलनकारियों की सूची जारी किए जाने, आश्रितों को लाभ दिए जाने आदि मांगों के समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंच ने पौड़ी को आंदोलन नगरी घोषित किए जाने की मांग भी की। मंच के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी झाबर सिंह रावत, मुकेश नौटियाल, मोहन सिंह, कमल सिंह, शकुंतला राणा, चंद्रकला, मंजू देवी, रीना चौहान, संगीता नेगी, ज्योति रावत, भगवंती देवी, कांति देवी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को मुख्यालय पौड़ी में राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर उत्तराखंड राज्य निर्माण चिह्नित आंदोलनकारी मंच की प्रदेश सचिव बीरा भंडारी ने बताया कि मंच 8 अगस्त को राज्य आंदोलनकारियों व शहीदों के परिजनों को सम्मानित करेगा। यह सम्मान समारोह प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य आंदोलनकारियों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। जिले में 824 आंदोलनकारी चिह्नित किए गए हैं, लेकिन उनकी सूची जारी नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
कहा कि 10 प्रतिशत क्षेतिज आरक्षण, एक समान वेतन, चिह्नित 824 आंदोलनकारियों की सूची जारी किए जाने, आश्रितों को लाभ दिए जाने आदि मांगों के समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मंच ने पौड़ी को आंदोलन नगरी घोषित किए जाने की मांग भी की। मंच के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी झाबर सिंह रावत, मुकेश नौटियाल, मोहन सिंह, कमल सिंह, शकुंतला राणा, चंद्रकला, मंजू देवी, रीना चौहान, संगीता नेगी, ज्योति रावत, भगवंती देवी, कांति देवी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन