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जनहित के लिए आंदोलन करने पर मिल रहे समन
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कोट ब्लाक के 60 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को जनहित के लिए आंदोलन करना भारी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने रामकुंड कादेखाल पंपिंग पेयजल योजना की मांग को लेकर आंदोलन किया, लेकिन अब उन्हें लगातार समन मिल रहे हैं, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश है। उन्होंने समन आने पर सरकार के प्रति आक्रोश जताया।
पौड़ी में कोट ब्लाक के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने एडीएम डा. एसके बरनवाल से मुलाकात की। रामकुंड कादेखाल पंपिंग पेयजल योजना प्रयास विकास समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कोटियाल ने बताया कि कोट के 60 से अधिक गांवों में ग्रामीण लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने मई-जून 2018 को रामकुंड कादेखाल पंपिंग पेयजल योजना की मांग को लेकर क्षेत्र के सबदरखाल में आंदोलन किया। तत्कालीन एसडीएम सदर ने आंदोलनकारियों को एक माह में पेयजल योजना की स्वीकृत का लिखित आश्वासन दिया। आंदोलन तो थम गया, लेकिन दिसंबर 2018 से आंदोलन में शामिल रहे ग्रामीणों को समन आने का सिलसिला शुरू हो गया। कोटियाल ने बताया कि 27 समन आने का यह सिलसिला अब 56 तक पहुंच गया है। आंदोलनकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से पुलिस आंदोलनकारियों को समन भेज रही है। पुलिस दो ऐसे व्यक्तियों को भी समन भेज चुकी है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के समन वापस लेने की मांग विधायक व मुख्यमंत्री से भी की गई, लेकिन यह सिलसिला थम नहीं रहा है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को आ रहे समन वापस नहीं लिए जाते हैं, तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर सुंदर सिंह, मंगला देवी, दिगंबर प्रसाद, मुन्नी देवी और वैशाली आदि मौजूद थे।
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पौड़ी में कोट ब्लाक के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने एडीएम डा. एसके बरनवाल से मुलाकात की। रामकुंड कादेखाल पंपिंग पेयजल योजना प्रयास विकास समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कोटियाल ने बताया कि कोट के 60 से अधिक गांवों में ग्रामीण लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने मई-जून 2018 को रामकुंड कादेखाल पंपिंग पेयजल योजना की मांग को लेकर क्षेत्र के सबदरखाल में आंदोलन किया। तत्कालीन एसडीएम सदर ने आंदोलनकारियों को एक माह में पेयजल योजना की स्वीकृत का लिखित आश्वासन दिया। आंदोलन तो थम गया, लेकिन दिसंबर 2018 से आंदोलन में शामिल रहे ग्रामीणों को समन आने का सिलसिला शुरू हो गया। कोटियाल ने बताया कि 27 समन आने का यह सिलसिला अब 56 तक पहुंच गया है। आंदोलनकारी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के माध्यम से पुलिस आंदोलनकारियों को समन भेज रही है। पुलिस दो ऐसे व्यक्तियों को भी समन भेज चुकी है, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के समन वापस लेने की मांग विधायक व मुख्यमंत्री से भी की गई, लेकिन यह सिलसिला थम नहीं रहा है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को आ रहे समन वापस नहीं लिए जाते हैं, तो आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर सुंदर सिंह, मंगला देवी, दिगंबर प्रसाद, मुन्नी देवी और वैशाली आदि मौजूद थे।
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