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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग प्रोजेक्ट की मुरादाबाद से होगी निगरानी

Thu, 22 Sep 2022 11:57 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:57 PM IST
सार

बहुप्रतिक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर मुरादाबाद से निगरानी होगी।आरवीएनएल (रेल विकास निगम) के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक पीपी बडोगा ने बताया कि सुरंगों में सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे।इसके लिए मुरादाबाद में मुख्य सुरंग नियंत्रण केंद्र बनाया जा रहा है।

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Rishikesh-Karnprayag railroad project will be monitored from Moradabad

विस्तार

बहुप्रतिक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर मुरादाबाद से निगरानी होगी। रेलमार्ग की सुरंग में किसी तरह की दिक्कत के आने, दुर्घटना होने या ट्रैक में कोई खराबी आने पर तत्काल मुरादाबाद स्थित कंट्रोल सेंटर को सूचना मिल जाएगी। वर्तमान में रेल मंडल के उत्तरी जोन मुख्यालय मुरादाबाद में पांच मंजिला मेन टनल कंट्रोल सेंटर (एमटीसीसी) का निर्माण कार्य चल रहा है। अगले वर्ष जून माह तक इसका कार्य पूरा हो जाएगा।
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मैदान से उत्तराखंड गढ़वाल के पहाड़ को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए 125.172 किलोमीटर लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलमार्ग प्रोजेक्ट का काम तेज गति से चल रहा है। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि रेल मार्ग का 83.08 प्रतिशत भाग (117 किलोमीटर) सुरंगों से गुजरेगा। यानी कि यात्री ज्यादातर सफर सुरंग से ही तय करेंगे। मौजूदा समय में विभिन्न स्थानों पर 17 सुरंगों की खोदाई का काम चल रहा है। इनमें सबसे लंबी सुरंग सौड़ से जनासू तक लगभग 14.58 किलोमीटर लंबी है। ऐसे में हर किसी के मन में यह सवाल है कि यदि सुरंग से गुजर रहे ट्रैक में कोई दिक्कतें आती हैं तो इसकी सूचना का आदान-प्रदान और बचाव कैसे होगा?
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आरवीएनएल (रेल विकास निगम) के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक पीपी बडोगा ने बताया कि सुरंगों में सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। यहां सीसीटीवी कैमरों के साथ ही सेंसर लगाए जाएंगे। इसके अलावा जगह-जगह एसओएस (सेव अवर सोल) बॉक्स भी लगाए जाएंगे। एसओएस के माध्यम से किसी भी आपातकालीन स्थिति में संदेश भेजा जा सकता है। इन सब उपकरणों का नियंत्रण मुरादाबाद से होगा। इसके लिए मुरादाबाद में मुख्य सुरंग नियंत्रण केंद्र बनाया जा रहा है। केंद्र की स्क्रीन पर पूरे मार्ग की गतिविधि नजर आएगी। यदि सुरंग में कोई दिक्कत आती है तो सीसीटीवी कैमरे इसे कैद कर लेंगे। नियंत्रण केंद्र घटनास्थल से संबंधित स्टेशन को इसकी जानकारी देगा जिससे तत्काल राहत और सुरक्षात्मक उपाय किए जा सकते हैं।
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