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Pauri News: गीरा और बांसा गांव में बांटे पौध
Wed, 24 Jul 2024 03:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 24 Jul 2024 03:39 PM IST
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श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के हैप्रेक विभाग के ओर से चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक स्थित सुदूरवर्ती गांव गीरा और बांसा में जड़ी-बूटी के पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण को लेकर भी जागरूक किया गया।
गढ़वाल विवि का उच्च शिखरिय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) संस्थान लंबे समय से जड़ी-बूटी के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए कार्य कर रहा है। हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि उनकी एक टीम डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) परियोजना के तहत चमोली जिले के उर्गम घाटी के सुदूरवर्ती गांवों में पहुंची थी। टीम द्वारा ग्रामीणों को दुर्लभ जटामांसी, चिरायता और अतीश के पौध वितरित किए गए। हैप्रेक संस्थान के सहयोग से अधिकांश गांव में ग्रामीण जड़ी-बूटी की खेती कर अपनी अच्छी आय कमा रहे हैं। संवाद
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गढ़वाल विवि का उच्च शिखरिय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) संस्थान लंबे समय से जड़ी-बूटी के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए कार्य कर रहा है। हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि उनकी एक टीम डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) परियोजना के तहत चमोली जिले के उर्गम घाटी के सुदूरवर्ती गांवों में पहुंची थी। टीम द्वारा ग्रामीणों को दुर्लभ जटामांसी, चिरायता और अतीश के पौध वितरित किए गए। हैप्रेक संस्थान के सहयोग से अधिकांश गांव में ग्रामीण जड़ी-बूटी की खेती कर अपनी अच्छी आय कमा रहे हैं। संवाद
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