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Pauri News: यात्रियों को मिली राहत, लेकिन 15 दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट
Sun, 30 Nov 2025 04:32 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 30 Nov 2025 04:32 PM IST
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देवप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग स्थित शांता गदेरे पर निर्माणाधीन पुल के ऊपर से रविवार को सभी वाहनों के लिए वैकल्पिक आवाजाही प्रारंभ कर दी गई है। इससे बदरीनाथ-केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों का सफर सुगम हो गया है। पिछले साल से पुल निर्माण में देरी के कारण भारी जाम और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
गौरतलब है कि 100 साल से अधिक पुरानी पुलिया के बराबर में बन रहे इस पुल का काम फरवरी 2024 में शुरू हुआ था, लेकिन सड़क की कटाई के कारण मार्ग वन-वे होने से लगातार जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब वैकल्पिक आवाजाही शुरू होने से लोगों को राहत मिली है।
वहीं जहां एक ओर पुल शुरू होने से यात्रा आसान हुई है, वहीं दूसरी ओर पुल की ऊंचाई के कारण करीब 15 स्थानीय दुकानदारों की आजीविका पर संकट आ गया है। पुल के ढांचे ने उनकी दुकानों को सड़क के नए लेबिल से काफी नीचे ढंक दिया है, जिससे उनका कारोबार लगभग ठप हो गया है। प्रभावित दुकानदारों विकास कोटियाल, मनीष रावत, गोविंद सिंह, रूपेश बिष्ट, भूपेंद्र राणा, जयपाल रावत और बिसम्बर रावत का कहना है कि वे पिछले तीन महीनों से बेरोजगार हैं क्योंकि सड़क लेबलिंग के कारण उनकी दुकानें दब गई हैं। दुकानदारों ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें अपनी दुकानों को सड़क के नए लेबल तक ऊंचा उठाने की अनुमति दी जाए, ताकि वे जल्द अपना कारोबार फिर से शुरू कर सकें।
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गौरतलब है कि 100 साल से अधिक पुरानी पुलिया के बराबर में बन रहे इस पुल का काम फरवरी 2024 में शुरू हुआ था, लेकिन सड़क की कटाई के कारण मार्ग वन-वे होने से लगातार जाम की स्थिति बनी रहती थी। अब वैकल्पिक आवाजाही शुरू होने से लोगों को राहत मिली है।
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वहीं जहां एक ओर पुल शुरू होने से यात्रा आसान हुई है, वहीं दूसरी ओर पुल की ऊंचाई के कारण करीब 15 स्थानीय दुकानदारों की आजीविका पर संकट आ गया है। पुल के ढांचे ने उनकी दुकानों को सड़क के नए लेबिल से काफी नीचे ढंक दिया है, जिससे उनका कारोबार लगभग ठप हो गया है। प्रभावित दुकानदारों विकास कोटियाल, मनीष रावत, गोविंद सिंह, रूपेश बिष्ट, भूपेंद्र राणा, जयपाल रावत और बिसम्बर रावत का कहना है कि वे पिछले तीन महीनों से बेरोजगार हैं क्योंकि सड़क लेबलिंग के कारण उनकी दुकानें दब गई हैं। दुकानदारों ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें अपनी दुकानों को सड़क के नए लेबल तक ऊंचा उठाने की अनुमति दी जाए, ताकि वे जल्द अपना कारोबार फिर से शुरू कर सकें।
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