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नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख बीस हजार ठगे
दुगड्डा
Updated Mon, 23 Nov 2015 06:11 PM IST
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सेना में भर्ती होने गए एक युवक को कथित दरोगा से कुछ पल की दोस्ती मंहगी पड़ गई। युवक को नौकरी दिलाने के नाम पर कथित दरोगा ने करीब एक लाख बीस हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित की ओर से दुगड्डा पुलिस को तहरीर दी गई है। कोतवाल जेएस पुंडीर ने पीड़ित से जानकारी हासिल कर भर्ती संबंधी दस्तावेज कब्जे में लेकर चौकी प्रभारी को मामले की विवेचना करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, नगरपालिका क्षेत्र दुगड्डा का रजत रावत पुत्र हरेंद्र रावत नवंबर 2014 में गढ़ी कैंट देहरादून में सेना में भर्ती होने के लिए गया था। भर्ती के लिये विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों की तादात में युवकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में लगे कथित दरोगा से रजत का संपर्क हुआ। दरोगा ने रजत को अपना मोबाइल नंबर देकर विश्वास में लिया और दोस्ती कर ली। उसने उसे साइबर क्राइम ब्रांच में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर जॉब दिलाने का आश्वास दिया। इसके एवज में कथित वर्दीधारी ने पहले रजत से 40 हजार रुपये नगद ले लिए। और बाद में ईमेल और पत्र व्यवहार जारी रखकर शेष 80 हजार की धनराशि अपने बैंक एकाउंट में जमा करवा ली। करीब एक लाख 20 हजार रुपये देने के बाद भी जब युवक को जॉब नहीं मिली तो उसने कथित दरोगा से संपर्क कर वास्तविकता का पता लगाना चाहा, लेकिन तब तक उसने मोबाइल बंद कर दिया।
इस संबंध में कोतवाल जेएस पुंडीर ने पीड़ित पक्ष को मामले का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया। विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की तह तक पहुंचने के लिये अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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पुलिस के अनुसार, नगरपालिका क्षेत्र दुगड्डा का रजत रावत पुत्र हरेंद्र रावत नवंबर 2014 में गढ़ी कैंट देहरादून में सेना में भर्ती होने के लिए गया था। भर्ती के लिये विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों की तादात में युवकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में लगे कथित दरोगा से रजत का संपर्क हुआ। दरोगा ने रजत को अपना मोबाइल नंबर देकर विश्वास में लिया और दोस्ती कर ली। उसने उसे साइबर क्राइम ब्रांच में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर जॉब दिलाने का आश्वास दिया। इसके एवज में कथित वर्दीधारी ने पहले रजत से 40 हजार रुपये नगद ले लिए। और बाद में ईमेल और पत्र व्यवहार जारी रखकर शेष 80 हजार की धनराशि अपने बैंक एकाउंट में जमा करवा ली। करीब एक लाख 20 हजार रुपये देने के बाद भी जब युवक को जॉब नहीं मिली तो उसने कथित दरोगा से संपर्क कर वास्तविकता का पता लगाना चाहा, लेकिन तब तक उसने मोबाइल बंद कर दिया।
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इस संबंध में कोतवाल जेएस पुंडीर ने पीड़ित पक्ष को मामले का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया। विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले की तह तक पहुंचने के लिये अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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