{"_id":"5fd0fc238ebc3e3f3317da8e","slug":"one-km-run-for-drinking-water-pauri-news-drn36415890","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीने के पानी के लिए एक किमी की दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीने के पानी के लिए एक किमी की दौड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास खंड पौड़ी के डुंगरी गांव के ग्रामीण वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीणों को करीब एक किमी दूर से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है।
ग्रामीण जसपाल सिंह नेगी, राम सिंह रावत, सौकार सिंह, प्रेम सिंह व ईश्वर सिंह आदि ने कहा कि उनके गांव के लिए वर्षोँ पूर्व जो पेयजल योजना बनाई गई थी वह भी सालों से सूखी पड़ी है। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने पैसों से गांव के लिए प्राकृतिक जल स्रोत से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की, जिसके तहत गांव में एक पानी की डिग्गी बनाई गई। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए भी ग्रामीणों को एक किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र की 27 ग्राम पंचायतों की पेयजल आपूर्ति के लिए पेयजल निगम श्रीनगर ने वर्ष 2015 में करीब 29 करोड़ 40 लाख की लागत से कोला पातल पंपिंग पेयजल योजना का काम शुरू किया था, लेकिन आज तक उनके गांव को योजना का लाभ नहीं दिया गया है। जिससे गांव के 80 परिवारों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। ईई आरसी मिश्रा का कहना है कि योजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब हर घर को पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। क्षेत्र के 40 गांवों में से 35 गांवों में पानी पहुंच गया है। शेष गांव में 20 दिसंबर तक पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीण जसपाल सिंह नेगी, राम सिंह रावत, सौकार सिंह, प्रेम सिंह व ईश्वर सिंह आदि ने कहा कि उनके गांव के लिए वर्षोँ पूर्व जो पेयजल योजना बनाई गई थी वह भी सालों से सूखी पड़ी है। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने पैसों से गांव के लिए प्राकृतिक जल स्रोत से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की, जिसके तहत गांव में एक पानी की डिग्गी बनाई गई। लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए भी ग्रामीणों को एक किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र की 27 ग्राम पंचायतों की पेयजल आपूर्ति के लिए पेयजल निगम श्रीनगर ने वर्ष 2015 में करीब 29 करोड़ 40 लाख की लागत से कोला पातल पंपिंग पेयजल योजना का काम शुरू किया था, लेकिन आज तक उनके गांव को योजना का लाभ नहीं दिया गया है। जिससे गांव के 80 परिवारों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। ईई आरसी मिश्रा का कहना है कि योजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब हर घर को पेयजल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। क्षेत्र के 40 गांवों में से 35 गांवों में पानी पहुंच गया है। शेष गांव में 20 दिसंबर तक पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन