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एनआईटी उत्तराखंड और आईआईटी रोपड़ के बीच हुआ एमओयू
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ पंजाब में संकाय सदस्यों और छात्रों की कार्यकुशलता एवं कौशल विकास के लिए एमओयू (समझौता पत्र) हो गया है। एमओयू होने के बाद दोनों संस्थान शैक्षिक और शोध कार्यों को परस्पर साझा कर सकते हैं।
एनआईटी उत्तराखंड के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी और आईआईटी रोपड़ पंजाब के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रो. अवस्थी ने बताया कि इस समझौते से एनआईटी उत्तराखंड के प्रतिभाशाली छात्रों को अपनी अंतिम सेमेस्टर की शैक्षणिक गतिविधियों को संपन्न करने के लिए आईआईटी रोपड़ पंजाब में जाने का मौका मिलेगा। साथ ही उद्यम और स्टार्टअप के इच्छुक छात्र आईआईटी रोपड़ के इन्क्यूबेशन सेंटर में अपना पंजीकरण कर अपने कौशल को निखार सकेंगे। छात्रों के कौशल विकास के लिए परियोजना के तहत प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी।
एनआईटी उत्तराखंड ने आईआईटी रोपड़ में स्थापित कृषि और जल प्रौद्योगिकी विकास हब के तहत छह प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों संस्थानों के बीच हुए समझौते से कई बड़े और सामाजिक हित के शोध होंगे, जिससे संस्थान के साथ ही आम जनमानस को लाभ होगा। आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. आहूजा ने कहा कि समझौते से एनआईटी उत्तराखंड के होनहार छात्र अपने स्नातक प्रोग्राम के अंतिम सेमेस्टर में आईआईटी रोपड़ आ सकते हैं। वह प्रोग्राम पूरा होने के बाद चयन प्रक्रिया के माध्यम से पीएचडी में अपना अध्ययन जारी रख सकेंगे। उन्होंने एनआईटी उत्तराखंड के छात्रों को आईआईटी की प्रयोगशाला की सुविधाओं के उपयोग का भी आश्वासन दिया।
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एनआईटी उत्तराखंड के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी और आईआईटी रोपड़ पंजाब के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रो. अवस्थी ने बताया कि इस समझौते से एनआईटी उत्तराखंड के प्रतिभाशाली छात्रों को अपनी अंतिम सेमेस्टर की शैक्षणिक गतिविधियों को संपन्न करने के लिए आईआईटी रोपड़ पंजाब में जाने का मौका मिलेगा। साथ ही उद्यम और स्टार्टअप के इच्छुक छात्र आईआईटी रोपड़ के इन्क्यूबेशन सेंटर में अपना पंजीकरण कर अपने कौशल को निखार सकेंगे। छात्रों के कौशल विकास के लिए परियोजना के तहत प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी।
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एनआईटी उत्तराखंड ने आईआईटी रोपड़ में स्थापित कृषि और जल प्रौद्योगिकी विकास हब के तहत छह प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों संस्थानों के बीच हुए समझौते से कई बड़े और सामाजिक हित के शोध होंगे, जिससे संस्थान के साथ ही आम जनमानस को लाभ होगा। आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. आहूजा ने कहा कि समझौते से एनआईटी उत्तराखंड के होनहार छात्र अपने स्नातक प्रोग्राम के अंतिम सेमेस्टर में आईआईटी रोपड़ आ सकते हैं। वह प्रोग्राम पूरा होने के बाद चयन प्रक्रिया के माध्यम से पीएचडी में अपना अध्ययन जारी रख सकेंगे। उन्होंने एनआईटी उत्तराखंड के छात्रों को आईआईटी की प्रयोगशाला की सुविधाओं के उपयोग का भी आश्वासन दिया।
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