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Pauri News: बच्चों में बढ़ रहा मोबाइल सिंड्रोम, गर्दन और कमर दर्द के बढ़े मामले
Sat, 16 May 2026 05:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sat, 16 May 2026 05:40 PM IST
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- उपजिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपी यूनिट में कमर व गर्दन दर्द की शिकायत लेकर रोजाना पहुंच रहे 10 बच्
सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। मोबाइल और कंप्यूटर की बढ़ती निर्भरता अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। श्रीनगर में इन दिनों छोटी उम्र के बच्चों से लेकर युवा तक गर्दन और कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि उपजिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपी यूनिट में रोजाना 15 से 20 मरीज गर्दन और कमर के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से 10 मरीज कक्षा पांच से लेकर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक मोबाइल पर नजरें गड़ाए रखना, गर्दन झुकाकर बैठना और घंटों कंप्यूटर पर काम करना इस समस्या की मुख्य वजह बन रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि अब पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उपजिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निशा लखेड़ा ने बताया कि लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने और एक ही मुद्रा में बैठे रहने से सर्वाइकल और कमर दर्द के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्र, नौकरीपेशा युवा और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच के बाद फिजियोथेरेपी यूनिट भेजा जा रहा है जहां मैनुअल थेरेपी, टेंस थेरेपी, सर्वाइकल ट्रैक्शन, सॉफ्ट टिश्यू थेरेपी और एक्सरसाइज के जरिये उपचार किया जा रहा है। डॉ. लखेड़ा ने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को जरूरत के अनुसार ही मोबाइल दें और लगातार स्क्रीन देखने से बचाएं। साथ ही हर कुछ देर में शरीर को आराम देना, सही पॉश्चर में बैठना और नियमित व्यायाम करना बेहद जरूरी है।
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लक्षण-- -- -
गर्दन में लगातार दर्द या जकड़न
-- -- कमर में भारीपन और दर्द
-- -- लंबे समय बैठने पर परेशानी
-- -- हाथों या कंधों में झनझनाहट
-- -- बच्चों का झुककर मोबाइल चलाना
बचाव के आसान उपाय
-- लगातार मोबाइल उपयोग से बचें
-- -- हर 30 मिनट बाद ब्रेक लें
-- -- सही पॉश्चर में बैठकर काम करें
-- -- -नियमित एक्सरसाइज करें
-- -- बच्चों की स्क्रीन टाइम पर नजर रखें
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सत्य प्रसाद मैठाणी
श्रीनगर। मोबाइल और कंप्यूटर की बढ़ती निर्भरता अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। श्रीनगर में इन दिनों छोटी उम्र के बच्चों से लेकर युवा तक गर्दन और कमर दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि उपजिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपी यूनिट में रोजाना 15 से 20 मरीज गर्दन और कमर के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से 10 मरीज कक्षा पांच से लेकर कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक मोबाइल पर नजरें गड़ाए रखना, गर्दन झुकाकर बैठना और घंटों कंप्यूटर पर काम करना इस समस्या की मुख्य वजह बन रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि अब पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उपजिला चिकित्सालय की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निशा लखेड़ा ने बताया कि लगातार मोबाइल इस्तेमाल करने और एक ही मुद्रा में बैठे रहने से सर्वाइकल और कमर दर्द के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्कूल और कॉलेज के छात्र, नौकरीपेशा युवा और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच के बाद फिजियोथेरेपी यूनिट भेजा जा रहा है जहां मैनुअल थेरेपी, टेंस थेरेपी, सर्वाइकल ट्रैक्शन, सॉफ्ट टिश्यू थेरेपी और एक्सरसाइज के जरिये उपचार किया जा रहा है। डॉ. लखेड़ा ने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को जरूरत के अनुसार ही मोबाइल दें और लगातार स्क्रीन देखने से बचाएं। साथ ही हर कुछ देर में शरीर को आराम देना, सही पॉश्चर में बैठना और नियमित व्यायाम करना बेहद जरूरी है।
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लक्षण
गर्दन में लगातार दर्द या जकड़न
बचाव के आसान उपाय