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बिजली कटौती के किया जीना बेहाल
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जम्मू। शहर में अब बिजली की आंख-मिचौनी ने तो हद कर दी। 10 मिनट आती है और कई घंटे तक बंद रहती है। शनिवार को भी आठ से 10 घंटे के लंबे कट सहन करने पड़े, जिससे लोगों को उमस और गर्मी ने बेहाल कर दिया। सुबह सात से 12 बजे तक लगे पावर कट के कारण दिन की शुरुआत ही परेशानी के साथ हुई। लगभग पूरे शहर में लोगों को लंबा बिजली कट सहना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर को आई, जैसे ही गर्मी बढ़ी तो लोड भी बढ़ गया और फिर से बत्ती गुल हो गई।
बिजली की आंख-मिचौनी का सिलसिला कई दिन से जारी है। शुक्रवार रात को भी यही हाल रहा। कई इलाकों में रात भर बत्ती गुल रही। राहत पाने के लिए लोग घरों में खुली जगहों या फिर गलियों में टहलते नजर आए। इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। लोगों के रोजमर्रा के काम रुक गए हैं, यहां तक कि कपड़े प्रेस करने और मोबाइल चार्ज करने में भी दिक्कत आ रही है। लोगों ने कई बार बिजली विभाग से भी संपर्क किया, लेकिर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। हालांकि शनिवार को बिजली के तारों की मरम्मत का काम भी चला।
1500 के पास पहुंचा लोड, क्षमता 1200 मेगावाट की
शनिवार को सर्वाधिक लोड 1500 मेगावाट के करीब रहा, जबकि क्षमता 1200 मेगावाट की है। ऐसे में बार-बार बिजली कटों का सामना करना पड़ा।
बिजली विभाग के अनुसार लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर ड्रिप हो जा रहे हैं। ओवरहीट होने पर ट्रांसफार्मरों को सामान्य तापमान पर आने के बाद ही बिजली बहाल की जा रही है। ट्रांसफार्मर ज्यादा लोड नहीं उठा पा रहे हैं।
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10 से ज्यादा ट्रांसफार्मर और घरों में जले बिजली उपकरण
शहर में अलग-अलग जगहों में ट्रांसफार्मर भी जल गए हैं। रूपनगर, नानक नगर, शास्त्री नगर, गांधी नगर, गंगयाल, सतवारी के साथ अन्य इलाकें में 10 से ज्यादा ट्रांसफार्मर जल गए। ट्रांसफार्मर लगाने का काम देर रात तक चलता रहा। वोल्टेज कम ज्यादा होने के कारण घरों में बिजली उपकरण जलने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
गर्मी से राहत पाने के लिए नहरों में नहाते दिखे युवा
शनिवार को गर्मी ने भी लोगों के खूब पसीने छुड़ाए। युवा गर्मी से निजात के लिए नहरों में नहाने नजर आए। इस दौरान कैनाल नहर के पास दोपहर को नहाने वालों की काफी भीड़ जुट गई, जिसके बाद पुलिस ने हादसे की आशंका को देखते हुए युवाओं को वहां से खदेड़ा।
20 मिनट तक आया नलों में पानी, कई जगह टैंकरों से की गई आपूर्ति
जम्मू। शनिवार को पावर कट के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर के अधिकतर इलाकों में सवा घंटे की जगह 20 मिनट ही नलों में पानी आया। बिजली न होने से पेयजल सप्लाई की मोटरें नहीं चल पाईं। मेन लाइनें भी खाली रहीं। इससे लोगों को बिजली के साथ-साथ पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ा।
जलशक्ति विभाग ने सैनिक कॉलोनी, गांधी नगर, शास्त्री नगर समेत अन्य जगहों पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति की। यहां पर लोगों ने कतारों में खड़े होकर पानी भरा। इसके अलावा बस स्टैंड और अन्य जगहों में भी पेयजल संकट रहा। शहर आने वाले लोगों को बोतलबंद पानी से प्यास बुझानी पड़ी।
पानी न आने से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए हैं। शनिवार को 13 घंटे से ज्यादा बिजली कट लगने के कारण रविवार को भी आपूर्ति बाधित होने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को जब मोटरों को ऑन किया जाता तो कुछ ही समय बाद बिजली गुल हो जा रही थी। ऐसे में मोटरों को रेस्ट पर रखा गया। बिजली आपूर्ति सही तरीके से बहाल होने के बाद ही मोटरों को चलाया गया। इस कारण जरूरत के हिसाब से पानी टैंकों में जमा नहीं हो पाया है।
दोमाना के आर्मी ग्राउंड के पास, ट्रांसफार्मर के तार बदलने की मांग
दोमाना। क्षेत्र में भी बिजली संकट गहराया हुआ है। आर्मी ग्राउंड के पास लगे ट्रांसफार्मर में पुराने तार अक्सर टूट जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी प्रदीप सिंह मिन्हास, रविंद्र सिंह, शमशेर सिंह चिब, बाज सिंह, जय सिंह आदि का कहना है कि यह समस्या 20 साल से चली आ रही है, लेकिन बिजली विभाग को बार-बार अवगत करवाने के बावजूद इसका हल नहीं किया जा रहा है। इससे यहां 30-40 घरों में बिजली की समस्या बनी रहती है। लोगों ने विभाग के अधिकारियों से जल्द समस्या हल करने की मांग की है।
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बिजली की आंख-मिचौनी का सिलसिला कई दिन से जारी है। शुक्रवार रात को भी यही हाल रहा। कई इलाकों में रात भर बत्ती गुल रही। राहत पाने के लिए लोग घरों में खुली जगहों या फिर गलियों में टहलते नजर आए। इनवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। लोगों के रोजमर्रा के काम रुक गए हैं, यहां तक कि कपड़े प्रेस करने और मोबाइल चार्ज करने में भी दिक्कत आ रही है। लोगों ने कई बार बिजली विभाग से भी संपर्क किया, लेकिर समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। हालांकि शनिवार को बिजली के तारों की मरम्मत का काम भी चला।
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1500 के पास पहुंचा लोड, क्षमता 1200 मेगावाट की
शनिवार को सर्वाधिक लोड 1500 मेगावाट के करीब रहा, जबकि क्षमता 1200 मेगावाट की है। ऐसे में बार-बार बिजली कटों का सामना करना पड़ा।
बिजली विभाग के अनुसार लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर ड्रिप हो जा रहे हैं। ओवरहीट होने पर ट्रांसफार्मरों को सामान्य तापमान पर आने के बाद ही बिजली बहाल की जा रही है। ट्रांसफार्मर ज्यादा लोड नहीं उठा पा रहे हैं।
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10 से ज्यादा ट्रांसफार्मर और घरों में जले बिजली उपकरण
शहर में अलग-अलग जगहों में ट्रांसफार्मर भी जल गए हैं। रूपनगर, नानक नगर, शास्त्री नगर, गांधी नगर, गंगयाल, सतवारी के साथ अन्य इलाकें में 10 से ज्यादा ट्रांसफार्मर जल गए। ट्रांसफार्मर लगाने का काम देर रात तक चलता रहा। वोल्टेज कम ज्यादा होने के कारण घरों में बिजली उपकरण जलने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
गर्मी से राहत पाने के लिए नहरों में नहाते दिखे युवा
शनिवार को गर्मी ने भी लोगों के खूब पसीने छुड़ाए। युवा गर्मी से निजात के लिए नहरों में नहाने नजर आए। इस दौरान कैनाल नहर के पास दोपहर को नहाने वालों की काफी भीड़ जुट गई, जिसके बाद पुलिस ने हादसे की आशंका को देखते हुए युवाओं को वहां से खदेड़ा।
20 मिनट तक आया नलों में पानी, कई जगह टैंकरों से की गई आपूर्ति
जम्मू। शनिवार को पावर कट के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। शहर के अधिकतर इलाकों में सवा घंटे की जगह 20 मिनट ही नलों में पानी आया। बिजली न होने से पेयजल सप्लाई की मोटरें नहीं चल पाईं। मेन लाइनें भी खाली रहीं। इससे लोगों को बिजली के साथ-साथ पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ा।
जलशक्ति विभाग ने सैनिक कॉलोनी, गांधी नगर, शास्त्री नगर समेत अन्य जगहों पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति की। यहां पर लोगों ने कतारों में खड़े होकर पानी भरा। इसके अलावा बस स्टैंड और अन्य जगहों में भी पेयजल संकट रहा। शहर आने वाले लोगों को बोतलबंद पानी से प्यास बुझानी पड़ी।
पानी न आने से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए हैं। शनिवार को 13 घंटे से ज्यादा बिजली कट लगने के कारण रविवार को भी आपूर्ति बाधित होने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को जब मोटरों को ऑन किया जाता तो कुछ ही समय बाद बिजली गुल हो जा रही थी। ऐसे में मोटरों को रेस्ट पर रखा गया। बिजली आपूर्ति सही तरीके से बहाल होने के बाद ही मोटरों को चलाया गया। इस कारण जरूरत के हिसाब से पानी टैंकों में जमा नहीं हो पाया है।
दोमाना के आर्मी ग्राउंड के पास, ट्रांसफार्मर के तार बदलने की मांग
दोमाना। क्षेत्र में भी बिजली संकट गहराया हुआ है। आर्मी ग्राउंड के पास लगे ट्रांसफार्मर में पुराने तार अक्सर टूट जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासी प्रदीप सिंह मिन्हास, रविंद्र सिंह, शमशेर सिंह चिब, बाज सिंह, जय सिंह आदि का कहना है कि यह समस्या 20 साल से चली आ रही है, लेकिन बिजली विभाग को बार-बार अवगत करवाने के बावजूद इसका हल नहीं किया जा रहा है। इससे यहां 30-40 घरों में बिजली की समस्या बनी रहती है। लोगों ने विभाग के अधिकारियों से जल्द समस्या हल करने की मांग की है।