{"_id":"6a96d6673a12bbd9d105abed","slug":"kusharika-stood-first-in-shloka-recitation-and-divyansh-stood-first-in-the-oral-recitation-of-the-gita-shrinagar-news-c-53-1-sdrn1038-125800-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: श्लोकोच्चारण में कुशारिका, गीता कंठपाठ में दिव्यांश प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: श्लोकोच्चारण में कुशारिका, गीता कंठपाठ में दिव्यांश प्रथम
Tue, 01 Sep 2026 07:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:13 PM IST
विज्ञापन
फोटो
केंद्रीय संस्कृत विवि के श्री रघुनाथ कीर्तिपरिसर में संस्कृत सप्ताह पर हुईं प्रतियोगिताएं
141 छात्रों ने किया प्रतिभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग में संस्कृत सप्ताह महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। छात्रों के प्रतिभा-विकास और संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए नौ प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें 141 छात्रों ने भाग लिया। श्लोकोच्चारण में कुशारिका, गीता कंठपाठ में दिव्यांश, अमरकोश कंठपाठ में पार्थ पराशर और अष्टाध्यायी कंठपाठ में इशिका प्रथम रहे।
वाद-विवाद में अंजलि, श्लोक अंत्याक्षरी में नीरज रियाल और लघु चलचित्र निर्माण में नीरज असनोडा ने पहला स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी में आदित्य शुक्ला व नीरज रियाल की टीम और पोस्टर निर्माण में कनक शर्मा प्रथम रहीं। गुरुकुलम के तहत चार प्रतियोगिताओं में 54 प्रतिभागियों ने भाग लिया। अष्टाध्यायी कंठपाठ में राघवेंद्र, गीता कंठपाठ में राघवेंद्र, अमरकोश कंठपाठ (कनिष्ठ) में पार्थ भारद्वाज और वरिष्ठ वर्ग में विभव प्रथम रहे। केरल से आए पीएचआरसी के संस्थापक डॉ. सेतुमाधवन ने आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या पर व्याख्यान दिया। संगम पर श्रावणी उपाकर्म भी संपन्न हुआ। समापन समारोह में संस्कृत के महत्व, संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में हुआ। सह-निदेशिका प्रो. चंद्रकला आर कोण्डी मुख्य अतिथि, डॉ. शैलेन्द्रनारायण कोटियाल विशिष्ट अतिथि और डॉ. शैलेन्द्र प्रसाद उनियाल सारस्वत अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विज्ञापन
केंद्रीय संस्कृत विवि के श्री रघुनाथ कीर्तिपरिसर में संस्कृत सप्ताह पर हुईं प्रतियोगिताएं
141 छात्रों ने किया प्रतिभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग में संस्कृत सप्ताह महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। छात्रों के प्रतिभा-विकास और संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए नौ प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें 141 छात्रों ने भाग लिया। श्लोकोच्चारण में कुशारिका, गीता कंठपाठ में दिव्यांश, अमरकोश कंठपाठ में पार्थ पराशर और अष्टाध्यायी कंठपाठ में इशिका प्रथम रहे।
वाद-विवाद में अंजलि, श्लोक अंत्याक्षरी में नीरज रियाल और लघु चलचित्र निर्माण में नीरज असनोडा ने पहला स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी में आदित्य शुक्ला व नीरज रियाल की टीम और पोस्टर निर्माण में कनक शर्मा प्रथम रहीं। गुरुकुलम के तहत चार प्रतियोगिताओं में 54 प्रतिभागियों ने भाग लिया। अष्टाध्यायी कंठपाठ में राघवेंद्र, गीता कंठपाठ में राघवेंद्र, अमरकोश कंठपाठ (कनिष्ठ) में पार्थ भारद्वाज और वरिष्ठ वर्ग में विभव प्रथम रहे। केरल से आए पीएचआरसी के संस्थापक डॉ. सेतुमाधवन ने आयुर्वेद के अनुसार दिनचर्या पर व्याख्यान दिया। संगम पर श्रावणी उपाकर्म भी संपन्न हुआ। समापन समारोह में संस्कृत के महत्व, संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में हुआ। सह-निदेशिका प्रो. चंद्रकला आर कोण्डी मुख्य अतिथि, डॉ. शैलेन्द्रनारायण कोटियाल विशिष्ट अतिथि और डॉ. शैलेन्द्र प्रसाद उनियाल सारस्वत अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विज्ञापन