उत्तराखंड सूचना आयोग की ओर से सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम और नियमावली पर यहां एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विकासखंड खिर्सू के विभागीय अपीलीय अधिकारियों, लोक सूचना अधिकारी और सहायक लोक सूचना अधिकारियों को अधिनियम 2005 व नियमावली 2013 और आरटीआई के संबंध में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की जानकारी दी गई।
बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मेें आरटीआई प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें उत्तराखंड सूचना आयोग के मुख्य सदंर्भदाता राजेंद्र प्रसाद व वीएम ठक्कर ने आरटीआई अधिनियम व नियमावली और न्यायालयों की ओर से समय-समय पर जारी आदेशों की केस सहित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी विभाग में दूसरे विभाग से संबंधित सूचना का अनुरोध किया जाता है, तो पांच दिन में संबंधित विभाग को अनुरोधपत्र भेज दिया जाए। अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कर्मचारियों की व्यक्तिगत सूचना संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में रामचंद्र देशपांडे बनाम केंद्रीय सूचना आयोग में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि किसी भी कर्मचारी की वेतन की विस्तृत जानकारी नहीं दी जा सकती है। सिर्फ उसका ग्रेड पे व पे स्केल की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी की पत्नी भी इसकी सूचना नहीं मांग सकती है। इस मौके पर प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी एसएस मेहरा व जीजीआईसी की प्रधानाचार्या सुमन लता पंवार आदि मौजूद थे। (ब्यूरो)