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Pauri News: प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजे नहीं मिला तो होगा आंदोलन
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श्रीनगर। जलविद्युत परियोजना श्रीनगर से प्रभावित ग्रामीणों के लंबित मुआवजे और पुनर्वास संबंधी समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर यूकेडी ने अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। उक्रांद के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष पूर्ण सिंह कठैत और युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और प्रभावितों ने कंपनी कार्यालय पहुंचकर डिप्टी मैनेजर (एचआर) दीपक कुमार को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में कहा गया कि अलकनंदा जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का मुआवजा एवं पुनर्वास संबंधी भुगतान लंबे समय से लंबित है। ग्रामीणों को मुआवजे के नाम पर चेक दिए गए, लेकिन चेक से संबंधित अनियमितताओं और भुगतान नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कंपनी की ओर से 28 दिसंबर 2013 को जारी पत्र में भी धनराशि की कमी के कारण नए चेक जारी करने में असमर्थता जताई गई थी। वहीं, जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जून 2018 में हुए समझौते के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
यूकेडी नेता आशीष नेता और पूरन कठैत ने कहा कि कंपनी प्रबंधन से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण कर उन्हें उनके अधिकारों का भुगतान सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में उचित कार्रवाई नहीं होने पर पार्टी प्रभावित ग्रामीणों को साथ लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उक्रांद नेता अरुण नेगी, सुनील पोखरियाल, केशव रावत, अर्जुन कंडारी, मुकेश कुंवर के साथ ही प्रभावित गीता देवी, सुनीता पांडे सहित अन्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया कि अलकनंदा जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का मुआवजा एवं पुनर्वास संबंधी भुगतान लंबे समय से लंबित है। ग्रामीणों को मुआवजे के नाम पर चेक दिए गए, लेकिन चेक से संबंधित अनियमितताओं और भुगतान नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कंपनी की ओर से 28 दिसंबर 2013 को जारी पत्र में भी धनराशि की कमी के कारण नए चेक जारी करने में असमर्थता जताई गई थी। वहीं, जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच जून 2018 में हुए समझौते के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
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यूकेडी नेता आशीष नेता और पूरन कठैत ने कहा कि कंपनी प्रबंधन से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण कर उन्हें उनके अधिकारों का भुगतान सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में उचित कार्रवाई नहीं होने पर पार्टी प्रभावित ग्रामीणों को साथ लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उक्रांद नेता अरुण नेगी, सुनील पोखरियाल, केशव रावत, अर्जुन कंडारी, मुकेश कुंवर के साथ ही प्रभावित गीता देवी, सुनीता पांडे सहित अन्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
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