वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने वर्तमान में वनाग्नि की स्थिति को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों को सिविल एवं रिजर्व वन क्षेत्र के फेर में न पड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह आपात स्थिति है। इसमें किसी वन क्षेत्र में भेद नहीं है। पूरा वन क्षेत्र एक ही है। जिस रेंज के समीप जंगल जल रहे हों, आग बुझाने की जिम्मेदारी उसी रेंज की है।
रविवार को यहां वन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए वन मंत्री ने कीर्तिनगर रेंज का अतिरिक्त चार्ज सकलाना रेंज के अधिकारी को देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नरेंद्रनगर वन प्रभाग ने यदि प्रशासनिक आधार पर कीर्तिनगर रेंजर को चार्ज नहीं दिया था, तो डिफ्टी रेंजर को जिम्मेदारी देनी चाहिए थी। इस विषम स्थिति में एक रेंजर को दो रेंज देना उचित नहीं है। उन्होंने आग बुझाने के लिए फायर वॉचरों की संख्या बढ़ाए जाने व महिलाओं की सहभागिता बढ़ाए जाने पर जोर दिया। वहीं वन संरक्षक गढ़वाल नित्यानंद पांडे ने बताया कि वर्तमान में 21 स्थानों में आग लगी हुई है। यदि तेज हवा नहीं चली, तो सोमवार शाम तक आग पर काबू पा लिया जाएगा। बैठक में वन मंत्री के विशेष कार्याधिकारी विनोद रावत, डीएफओ सोहन लाल, रेंजर अनिल भट्ट व शीशपाल सिंह आदि मौजूद थे।