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Pauri News: पौसाड़ा में मकान ढहा, छज्जे से कूदी महिला, बची जान
Thu, 17 Sep 2026 06:48 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 17 Sep 2026 06:48 PM IST
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दुधारू भैंस की मलबे में दबकर हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। विकासखंड देवप्रयाग के पौसाड़ा गांव में बृहस्पतिवार सुबह अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मकान के छज्जे पर मौजूद रामेश्वरी देवी (45) ने ऐन मौके पर वहां से नीचे कूद मार दी। इससे उनकी जान तो बच गई लेकिन उनकी दुधारू भैंस की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के समय उनका 15 साल का बेटा किसी काम के लिए गया हुआ था।
पौसाड़ा गांव निवासी रामेश्वरी देवी के पति का निधन हो चुका है। उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी और चुकी है और एक बेटा है। उनका यहां 45 साल पुराना पठाल का मकान है। बृहस्पतिवार को रामेश्वरी देवी मकान के छज्जे पर कुछ काम कर रही थीं। मकान के दरकने की आवाज सुनकर रामेश्वरी देवी ने छज्जे से नीचे छलांग दी गई। किसी तरह उनकी जान बच गई लेकिन दुधारू भैंस की मलबे में दबकर मौत हो गई। पति के निधन के बाद रामेश्वरी देवी के परिवार के जीविकोपार्जन का एकमात्र सहारा यह दुधारू भैंस ही थी। वह दूध बेचकर किसी तरह बच्चों का लालन-पालन कर रही थीं। ग्राम प्रधान रीता देवी ने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए नया मकान बनाने और उचित मुआवजा देने की मांग की। वहीं पटवारी दिनेश बिजल्वाण, कानूनगो विशाल असवाल ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। विकासखंड देवप्रयाग के पौसाड़ा गांव में बृहस्पतिवार सुबह अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मकान के छज्जे पर मौजूद रामेश्वरी देवी (45) ने ऐन मौके पर वहां से नीचे कूद मार दी। इससे उनकी जान तो बच गई लेकिन उनकी दुधारू भैंस की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के समय उनका 15 साल का बेटा किसी काम के लिए गया हुआ था।
पौसाड़ा गांव निवासी रामेश्वरी देवी के पति का निधन हो चुका है। उनके तीन बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी और चुकी है और एक बेटा है। उनका यहां 45 साल पुराना पठाल का मकान है। बृहस्पतिवार को रामेश्वरी देवी मकान के छज्जे पर कुछ काम कर रही थीं। मकान के दरकने की आवाज सुनकर रामेश्वरी देवी ने छज्जे से नीचे छलांग दी गई। किसी तरह उनकी जान बच गई लेकिन दुधारू भैंस की मलबे में दबकर मौत हो गई। पति के निधन के बाद रामेश्वरी देवी के परिवार के जीविकोपार्जन का एकमात्र सहारा यह दुधारू भैंस ही थी। वह दूध बेचकर किसी तरह बच्चों का लालन-पालन कर रही थीं। ग्राम प्रधान रीता देवी ने सरकार से पीड़ित परिवार के लिए नया मकान बनाने और उचित मुआवजा देने की मांग की। वहीं पटवारी दिनेश बिजल्वाण, कानूनगो विशाल असवाल ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया।
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