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फर्जीवाड़ा कर किसी और को बेच दी जमीन, मां-बेटे पर केस
कोटद्वार
Updated Thu, 05 Nov 2015 09:28 PM IST
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पदमपुर सुखरौ गांव में फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने का मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार जग्गो देवी निवासी नगीना बिजनौर हाल निवासी ग्रीन वैली हरिसिंगपुर कोटद्वार ने पदमपुर सुखरौ निवासी मनमोहन पुत्र स्व. ताजवर सिंह और कमला देवी पत्नी स्व. ताजवर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
जग्गो देवी ने अपनी तहरीर में कहा है कि उसके नाम पदमपुर सुखरौ में खेत नंबर 31 और 87 क और 87 ख में पैतृक भूमि दर्ज है। उक्त भूमि उसके परिजनों के नाम बंदोबस्त के पूर्व से चली आ रही है। वह अनुसूचित जाति के हैं। बिना डीएम के अनुमति की उनकी जमीन किसी और को नहीं बेची जा सकती है। कहा कि कमला देवी ने फर्जी कागजात तैयार कर और झूठे शपथपत्र के आधार पर उक्त जमीन मूल खातेदार के नाम से बदलवाकर वर्ष 1992-93 में अपने नाम दर्ज करवा ली। कमला देवी जिस मनमोहन सिंह के नाम फर्जी स्टांप से भूमि खरीदना बता रही है, उसकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। जग्गो देवी ने बताया कि कमला देवी ने अपने पुत्र का नाम भी मनमोहन रखकर उक्त भूमि राजस्व कर्मियों से मिलीभगत कर उसके नाम दर्ज करवा दी।
अब कमला देवी और मनमोहन सिंह उनकी भूमि बेचकर अनुचित लाभ कमाने में लगे हैं। मामले का खुलासा होने पर अब उन्हें उलटे फंसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। जग्गो देवी का कहना है कि उन्होंने इस मामले में एक प्रार्थना पत्र 30 दिसंबर, 2014 को थाना कोटद्वार में दिया था, जिसमें पुलिस ने जांच की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जिसके चलते उन्हें केस दर्ज कराने के लिए मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
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जग्गो देवी ने अपनी तहरीर में कहा है कि उसके नाम पदमपुर सुखरौ में खेत नंबर 31 और 87 क और 87 ख में पैतृक भूमि दर्ज है। उक्त भूमि उसके परिजनों के नाम बंदोबस्त के पूर्व से चली आ रही है। वह अनुसूचित जाति के हैं। बिना डीएम के अनुमति की उनकी जमीन किसी और को नहीं बेची जा सकती है। कहा कि कमला देवी ने फर्जी कागजात तैयार कर और झूठे शपथपत्र के आधार पर उक्त जमीन मूल खातेदार के नाम से बदलवाकर वर्ष 1992-93 में अपने नाम दर्ज करवा ली। कमला देवी जिस मनमोहन सिंह के नाम फर्जी स्टांप से भूमि खरीदना बता रही है, उसकी मृत्यु काफी पहले हो चुकी है। जग्गो देवी ने बताया कि कमला देवी ने अपने पुत्र का नाम भी मनमोहन रखकर उक्त भूमि राजस्व कर्मियों से मिलीभगत कर उसके नाम दर्ज करवा दी।
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अब कमला देवी और मनमोहन सिंह उनकी भूमि बेचकर अनुचित लाभ कमाने में लगे हैं। मामले का खुलासा होने पर अब उन्हें उलटे फंसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। जग्गो देवी का कहना है कि उन्होंने इस मामले में एक प्रार्थना पत्र 30 दिसंबर, 2014 को थाना कोटद्वार में दिया था, जिसमें पुलिस ने जांच की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जिसके चलते उन्हें केस दर्ज कराने के लिए मजबूरन कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
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