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डंपिंग यार्ड के समर्थन में उतरे चौरास के ग्रामीण
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चौरास क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण, गढ़वाल विवि के स्टेडियम के क्षतिग्रस्त हिस्से को रेलवे का डंपिंग यार्ड बनाने के पक्ष में उतर आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग से जहां क्षतिग्रस्त स्टेडियम अपने पुराने स्वरूप में लौटेगा वहीं दर्जनों गांवों के क्षतिग्रस्त मार्ग का निर्माण भी होगा।
सोमवार को आयोजित बैठक में चौरास क्षेत्र की नई बस्ती के लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्टेडियम के क्षतिग्रस्त भाग को रेलवे का डांपिंग यार्ड बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। कहा कि डंपिंग यार्ड के समर्थन में नई बस्ती के लोग रेलवे और गढ़वाल विवि के साथ है। इस संबंध में जल्द एसडीएम के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर चौरास के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2013 की आपदा में गढ़वाल विवि चौरास परिसर के स्टेडियम का एक हिस्सा और 15 गांवों को जोड़ने वाला मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से क्षेत्रीय जनता मार्ग निर्माण की मांग करती आ रही है। जबकि गढ़वाल विवि की ओर से भी क्षतिग्रस्त स्टेडियम को पुराने स्वरूप में लौटाने का प्रयास किया जा रहा है। अब रेलवे की ओर से यहां मलबा डंप करने पर यह कार्य आसान हो गया है। उत्तराखंड जन जागृति एवं जन कल्याण संस्थान के निदेशक डा. वमिष्णु दत्त कुकरेती सहित डा. प्रताप भंडारी, जेएस गुसांई, मोहर सिंह नेगी, ललित भट्ट, योगेश्वर प्रसाद डिमरी, ज्योति प्रसाद, किशोर पोखरियाल, उम्मेद सिंह रौथाण व प्रधान सांक्रो, सुपाणा, मंगसू तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य बबीता देवी आदि ने डंपिंग यार्ड का समर्थन किया। संवाद
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सोमवार को आयोजित बैठक में चौरास क्षेत्र की नई बस्ती के लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ लोग गढ़वाल विवि के चौरास परिसर स्टेडियम के क्षतिग्रस्त भाग को रेलवे का डांपिंग यार्ड बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। कहा कि डंपिंग यार्ड के समर्थन में नई बस्ती के लोग रेलवे और गढ़वाल विवि के साथ है। इस संबंध में जल्द एसडीएम के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा। वहीं दूसरी ओर चौरास के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2013 की आपदा में गढ़वाल विवि चौरास परिसर के स्टेडियम का एक हिस्सा और 15 गांवों को जोड़ने वाला मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से क्षेत्रीय जनता मार्ग निर्माण की मांग करती आ रही है। जबकि गढ़वाल विवि की ओर से भी क्षतिग्रस्त स्टेडियम को पुराने स्वरूप में लौटाने का प्रयास किया जा रहा है। अब रेलवे की ओर से यहां मलबा डंप करने पर यह कार्य आसान हो गया है। उत्तराखंड जन जागृति एवं जन कल्याण संस्थान के निदेशक डा. वमिष्णु दत्त कुकरेती सहित डा. प्रताप भंडारी, जेएस गुसांई, मोहर सिंह नेगी, ललित भट्ट, योगेश्वर प्रसाद डिमरी, ज्योति प्रसाद, किशोर पोखरियाल, उम्मेद सिंह रौथाण व प्रधान सांक्रो, सुपाणा, मंगसू तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य बबीता देवी आदि ने डंपिंग यार्ड का समर्थन किया। संवाद
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