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Pauri News: सात साल में भी पूरी नहीं हो पाई साढ़े दस किमी सड़क
Wed, 24 Sep 2025 07:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 24 Sep 2025 07:37 PM IST
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30 जून 2021 में पूरा होना था गहड़-पलयापटाला सड़क का निर्माण कार्य
श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु और बडियारगढ़ के गांवों सहित सिल्काखाल व कड़ाकोट क्षेत्र को जोड़ने वाले गहड़-पलियापटाला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य सात साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है।
लोस्तु क्षेत्र में वर्ष 2018 में पीएमजीएसवाई के तहत करीब 10.50 किमी मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। योजना के प्रथम चरण में मार्ग के निर्माण पर करीब 660.64 लाख व दो वर्ष के अनुरक्षण पर 9.34 लाख खर्च होने का प्रावधान रखा गया। प्रथम चरण के बाद शासन ने मोटर मार्ग के द्वितीय चरण के लिए करीब 695.54 लाख स्वीकृत किए।
इसके बाद मार्ग पर जुलाई 2020 में द्वितीय चरण का निर्माण कार्य शुरू हुआ। साथ ही संबंधित ठेकेदार को यह कार्य 30 जून 2021 तक पूरा करना था लेकिन तय समय पर मोटर मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद विभाग भी ठेकेदार को समय विस्तार का लाभ देता रहा। तब भी मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ जिसके बाद सितंबर 2023 से यह कार्य बंद पड़ गया।
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अब विभाग ने ठेकेदार के साथ अनुबंध समाप्त कर मार्ग पर अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए निविदा जारी कर दूसरे ठेकेदार को एक करोड़ 13 लाख से अवशेष कार्य को पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी लेकिन अब कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य से क्षेत्र के लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य रघुवीर सिंह भंडारी ने बताया कि अभी भी करीब दो किमी मार्ग का डामरीकरण नहीं हो पाया है। नाली, पटरी और क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण नहीं हो पाया है।
मार्ग किनारे अधिक झाड़ी उगने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका है। सरमोली के पास स्लाइडिंग होने से यहां से आगे बड़े वाहनों की आवाजाही ठप है। मोटर मार्ग के निर्माण से क्षतिग्रस्त हुए ग्रामीणों के आम रास्ते नहीं बनाये गए हैं। अगर मार्ग बनकर तैयार हो जाता तो क्षेत्र के लोगों को सिल्काखाल, कफना, सारकेणा, सिरसेट, चाचकंडा व गोनी आदि गांवों तक आने जाने के लिए भी 60 से 70 किमी के बजाय 10 से 12 किलोमीटर दूरी ही तय करनी पड़ती।
-मार्ग के शेष भाग पर पीसी की तैयारी चल रही है। नाली और पटरी का कार्य भी जल्द शुरू किया जा रहा है। दिसंबर तक सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने का प्रयास हो रहा है। राम लाल शाह, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई लोनिवि कीर्तिनगर।
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श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु और बडियारगढ़ के गांवों सहित सिल्काखाल व कड़ाकोट क्षेत्र को जोड़ने वाले गहड़-पलियापटाला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य सात साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है।
लोस्तु क्षेत्र में वर्ष 2018 में पीएमजीएसवाई के तहत करीब 10.50 किमी मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। योजना के प्रथम चरण में मार्ग के निर्माण पर करीब 660.64 लाख व दो वर्ष के अनुरक्षण पर 9.34 लाख खर्च होने का प्रावधान रखा गया। प्रथम चरण के बाद शासन ने मोटर मार्ग के द्वितीय चरण के लिए करीब 695.54 लाख स्वीकृत किए।
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इसके बाद मार्ग पर जुलाई 2020 में द्वितीय चरण का निर्माण कार्य शुरू हुआ। साथ ही संबंधित ठेकेदार को यह कार्य 30 जून 2021 तक पूरा करना था लेकिन तय समय पर मोटर मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। इसके बाद विभाग भी ठेकेदार को समय विस्तार का लाभ देता रहा। तब भी मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ जिसके बाद सितंबर 2023 से यह कार्य बंद पड़ गया।
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अब विभाग ने ठेकेदार के साथ अनुबंध समाप्त कर मार्ग पर अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए निविदा जारी कर दूसरे ठेकेदार को एक करोड़ 13 लाख से अवशेष कार्य को पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी लेकिन अब कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य से क्षेत्र के लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य रघुवीर सिंह भंडारी ने बताया कि अभी भी करीब दो किमी मार्ग का डामरीकरण नहीं हो पाया है। नाली, पटरी और क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण नहीं हो पाया है।
मार्ग किनारे अधिक झाड़ी उगने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो चुका है। सरमोली के पास स्लाइडिंग होने से यहां से आगे बड़े वाहनों की आवाजाही ठप है। मोटर मार्ग के निर्माण से क्षतिग्रस्त हुए ग्रामीणों के आम रास्ते नहीं बनाये गए हैं। अगर मार्ग बनकर तैयार हो जाता तो क्षेत्र के लोगों को सिल्काखाल, कफना, सारकेणा, सिरसेट, चाचकंडा व गोनी आदि गांवों तक आने जाने के लिए भी 60 से 70 किमी के बजाय 10 से 12 किलोमीटर दूरी ही तय करनी पड़ती।
-मार्ग के शेष भाग पर पीसी की तैयारी चल रही है। नाली और पटरी का कार्य भी जल्द शुरू किया जा रहा है। दिसंबर तक सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने का प्रयास हो रहा है। राम लाल शाह, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई लोनिवि कीर्तिनगर।