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Pauri News: बारिश से बही पेयजल लाइन, गहराया पानी का संकट
Wed, 06 Aug 2025 07:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 06 Aug 2025 07:24 PM IST
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वार्ड संख्या-1 के कई क्षेत्रों में बाधित हो गई है पानी की आपूर्ति
श्रीनगर। नगर निगम श्रीनगर के वार्ड संख्या-1 के अंतर्गत आने वाले कलियासौड़, धारी देवी, ढामक, चोपड़ा और कालीगढ़ में मंगलवार रात मूसलाधार बारिश से जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बारिश के कारण क्षेत्र को जलापूर्ति करने वाली मुख्य पेयजल लाइन बह गई जिससे सभी जगह जल संकट पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो उनके पास कोई वैकल्पिक जल स्रोत है और न ही किसी विभाग ने राहत की दिशा में कोई त्वरित कदम उठाया है। वर्तमान में इन जगहों को पानी भट्टीसेरा क्षेत्र से संचालित तीन योजनाओं भट्टीसेरा-कलियासौड़, भट्टीसेरा-ढामक और भट्टीसेरा-चोपड़ा-के जरिए मिलता हैं। हैरानी की बात यह है कि जल स्रोत भट्टीसेरा अब भी नगर निगम क्षेत्र से बाहर है।
पार्षद राजेंद्र नेगी ने बताया कि पेयजल स्रोत और पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने बुधवार सुबह जल निगम के कनिष्ठ अभियंता अनुराग मैठाणी को इस बारे में सूचना दी। पार्षद ने कहा कि यदि समय पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी पहली बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा था कि वार्ड की पेयजल योजनाओं को जल निगम से हटाकर जल संस्थान को सौंपा जाए।
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स्थानीय निकाय की निगरानी में समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। जल निगम के जेई अनुराग मैठाणी ने बताया कि यदि नुकसान सीमित हुआ तो विभागीय ठेकेदार से मरम्मत कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा। यदि क्षति अधिक पाई जाती है तो जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मरम्मत कार्य आपदा मद से कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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श्रीनगर। नगर निगम श्रीनगर के वार्ड संख्या-1 के अंतर्गत आने वाले कलियासौड़, धारी देवी, ढामक, चोपड़ा और कालीगढ़ में मंगलवार रात मूसलाधार बारिश से जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बारिश के कारण क्षेत्र को जलापूर्ति करने वाली मुख्य पेयजल लाइन बह गई जिससे सभी जगह जल संकट पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो उनके पास कोई वैकल्पिक जल स्रोत है और न ही किसी विभाग ने राहत की दिशा में कोई त्वरित कदम उठाया है। वर्तमान में इन जगहों को पानी भट्टीसेरा क्षेत्र से संचालित तीन योजनाओं भट्टीसेरा-कलियासौड़, भट्टीसेरा-ढामक और भट्टीसेरा-चोपड़ा-के जरिए मिलता हैं। हैरानी की बात यह है कि जल स्रोत भट्टीसेरा अब भी नगर निगम क्षेत्र से बाहर है।
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पार्षद राजेंद्र नेगी ने बताया कि पेयजल स्रोत और पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने बुधवार सुबह जल निगम के कनिष्ठ अभियंता अनुराग मैठाणी को इस बारे में सूचना दी। पार्षद ने कहा कि यदि समय पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद उन्होंने अपनी पहली बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा था कि वार्ड की पेयजल योजनाओं को जल निगम से हटाकर जल संस्थान को सौंपा जाए।
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स्थानीय निकाय की निगरानी में समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। जल निगम के जेई अनुराग मैठाणी ने बताया कि यदि नुकसान सीमित हुआ तो विभागीय ठेकेदार से मरम्मत कार्य जल्द शुरू करा दिया जाएगा। यदि क्षति अधिक पाई जाती है तो जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मरम्मत कार्य आपदा मद से कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।