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Pauri News: डाॅ. चमोली और शोधार्थी अब्दुल वारिश को यंग साइंटिस्ट अवार्ड
Tue, 27 Oct 2026 06:54 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 27 Oct 2026 06:54 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के दो युवा शोधकर्ताओं डॉ. दिव्यांशु चमोली और शोधार्थी अब्दुल वारिश को 21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस (यूएसएसटीसी-2026) में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। डॉ. चमोली को गणित के क्षेत्र में शोधपत्र प्रस्तुति करने जबकि अब्दुल वारिश को जल से माइक्रोप्लास्टिक हटाने की पर्यावरण अनुकूल विधियों के विकास संबंधी शोध के लिए यह सम्मान मिला।
25 और 26 अक्तूबर को आयोजित सम्मेलन में गणित विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. दिव्यांशु चमोली ने ‘विस्कोसिटी एप्रॉक्सिमेशन आधारित पुनरावृत्ति प्रक्रिया से जूलिया समुच्चयों का विश्लेषण’ विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने गणित विषय में प्रो. रमेश चंद्र डिमरी के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। उनके पिता बुद्धि बल्लभ चमोली भी विवि में कर्मचारी हैं। वहीं, गढ़वाल विवि के हिमालयी जलीय जैवविविधता विभाग के शोधार्थी अब्दुल वारिश को जल से माइक्रोप्लास्टिक हटाने के लिए पौधों पर आधारित विधियों के विकास संबंधी शोध के लिए यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड प्रदान किया गया। उनके शोध का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ विकल्प विकसित करना है, जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
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श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के दो युवा शोधकर्ताओं डॉ. दिव्यांशु चमोली और शोधार्थी अब्दुल वारिश को 21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कांग्रेस (यूएसएसटीसी-2026) में यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। डॉ. चमोली को गणित के क्षेत्र में शोधपत्र प्रस्तुति करने जबकि अब्दुल वारिश को जल से माइक्रोप्लास्टिक हटाने की पर्यावरण अनुकूल विधियों के विकास संबंधी शोध के लिए यह सम्मान मिला।
25 और 26 अक्तूबर को आयोजित सम्मेलन में गणित विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. दिव्यांशु चमोली ने ‘विस्कोसिटी एप्रॉक्सिमेशन आधारित पुनरावृत्ति प्रक्रिया से जूलिया समुच्चयों का विश्लेषण’ विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने गणित विषय में प्रो. रमेश चंद्र डिमरी के निर्देशन में पीएचडी पूरी की। उनके पिता बुद्धि बल्लभ चमोली भी विवि में कर्मचारी हैं। वहीं, गढ़वाल विवि के हिमालयी जलीय जैवविविधता विभाग के शोधार्थी अब्दुल वारिश को जल से माइक्रोप्लास्टिक हटाने के लिए पौधों पर आधारित विधियों के विकास संबंधी शोध के लिए यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड प्रदान किया गया। उनके शोध का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ विकल्प विकसित करना है, जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
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