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गढ़वाल विश्वविद्यालय में सीट बढ़ाने की मांग के लिए धरना
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एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र में सीटों की संख्या कम होने से आक्रोशित छात्र संगठन छात्रम के सदस्यों ने कुलपति सचिवालय के बाहर धरना दिया। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सीट कम करके छात्रों के साथ अन्याय कर रहा है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सीट नहीं बढ़ाई जाएंगी। इससे नाराज छात्रों ने कहा कि नए सत्र में सीटें नहीं बढ़ाईं जातीं धरना जारी रहेगा।
शुक्रवार को बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी और सुजीत गैरोला के नेतृत्व में छात्रम के सदस्य कुलपति सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। सुरक्षा कर्मियों ने उनको हटाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने और नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कई पाठ्यक्रमों में सीटें घटा दी हैं। पहले बीएससी केमिस्ट्री में 605 सीटें थीं जो अब 360 कर दी हैं। इसी तरह बीएससी ीौतिकी और गणित में 615 सीटें थीं। विवि ने दोनों विषयों में 360-360 सीटें कर दी हैं। कहा कि इससे छात्रों का यहां प्रवेश लेना मुश्किल हो जाएगा। गत 24 अगस्त को प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट को ज्ञापन देते हुए सीट पूर्व की भांति यथावत रखने की मांग की गई थी और कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब वह धरने पर बैठने के लिए मजबूर हैं।
इसके बाद छात्र नेता अनमोल भंडारी की मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी की मौजूदगी में प्रति कुलपति प्रो. भट्ट से वार्ता हुई। भंडारी ने प्रो. भट्ट के समक्ष मांग दोहराई। प्रो. भट्ट ने बताया कि नए सत्र में सीट निर्धारित करते समय पिछले तीन वर्षों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। हर साल कई सीटें रिक्त रह गई थीं। इस वजह से औसत निकालकर नए सत्र में सीटें तय की गई हैं। इसमेें कोई फेरबदल नहीं होगा।
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वार्ता असफल रहने पर भंडारी पुन: छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान दिव्या राणा, रजत, आयुष व रोहित पुंडीर आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी और सुजीत गैरोला के नेतृत्व में छात्रम के सदस्य कुलपति सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। सुरक्षा कर्मियों ने उनको हटाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने और नारेबाजी करने लगे। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में कई पाठ्यक्रमों में सीटें घटा दी हैं। पहले बीएससी केमिस्ट्री में 605 सीटें थीं जो अब 360 कर दी हैं। इसी तरह बीएससी ीौतिकी और गणित में 615 सीटें थीं। विवि ने दोनों विषयों में 360-360 सीटें कर दी हैं। कहा कि इससे छात्रों का यहां प्रवेश लेना मुश्किल हो जाएगा। गत 24 अगस्त को प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट को ज्ञापन देते हुए सीट पूर्व की भांति यथावत रखने की मांग की गई थी और कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब वह धरने पर बैठने के लिए मजबूर हैं।
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इसके बाद छात्र नेता अनमोल भंडारी की मुख्य नियंता प्रो. बीपी नैथानी की मौजूदगी में प्रति कुलपति प्रो. भट्ट से वार्ता हुई। भंडारी ने प्रो. भट्ट के समक्ष मांग दोहराई। प्रो. भट्ट ने बताया कि नए सत्र में सीट निर्धारित करते समय पिछले तीन वर्षों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। हर साल कई सीटें रिक्त रह गई थीं। इस वजह से औसत निकालकर नए सत्र में सीटें तय की गई हैं। इसमेें कोई फेरबदल नहीं होगा।
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वार्ता असफल रहने पर भंडारी पुन: छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान दिव्या राणा, रजत, आयुष व रोहित पुंडीर आदि मौजूद थे।