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संविदा लाइनमैन की करंट से मौत
श्रीनगर
Updated Mon, 16 Nov 2015 09:45 PM IST
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देलचौरी गांव में विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पोल पर चढ़े संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों का घेराव करते हुए तत्काल आर्थिक मदद और मृतक आश्रित को नौकरी देने की मांग की है।
सोमवार को श्रीनगर से करीब 12 किलोमीटर दूर देलचौरी गांव के खेतों में ऊर्जा निगम ट्रांसफार्मर लगा रहा था। दोपहर करीब डेढ़ बजे निगम के अवर अभियंता बीपी देवली ने कंट्रोल रूम से पोल पर चढ़ने के लिए शट डाउन मांगा। शट डाउन की पुष्टि होने के बाद उन्होंने संविदा लाइनमैन बीरबल सिंह (40 वर्ष) पुत्र प्रेम सिंह निवासी जसकोट को पोल पर चढ़ने को कहा। पोल पर चढ़ते ही बीरबल करंट के झटके से नीचे गिर गया। करंट से उसका शरीर बुरी तरह झुलसने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कोतवाल उत्तम सिंह, तहसीलदार वेदपाल सिंह, नायब तहसीलदार सुंदर सिंह रावत, ऊर्जा निगम के ईई एसके सहगल और एसडीओ मनोज अग्रवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव करते हुए निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। जेई देवली ने बताया कि उन्होंने शट डाउन की पुष्टि के लिए तीन बार कंट्रोल रूम में कॉल की थी। पुष्टि होने पर ही कर्मी को पोल पर चढ़ाया गया।
मृतक के दो नाबालिग बच्चे
श्रीनगर। मृतक बीरबल दो साल पहले ऊर्जा निगम में संविदा में लाइनमैन के पद पर नियुक्त हुआ था। उसके दो नाबालिग बच्चे हैं। मृतक के भाई कर्ण सिंह ने बताया कि इस हादसे से उसका परिवार टूट गया है। उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने भाई की मौत का जिम्मेदार निगम की लापरवाही बताया।
सहमति बनने पर शव उठाया
श्रीनगर। ग्रामीणों और अधिकारियों में सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने शाम लगभग 6.30 बजे के बाद मृतक लाइनमैन के शव को उठाने दिया। विभाग की ओर से मंगलवार को मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही अवर अभियंता देवली भी 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देंगे। बीमा राशि एक लाख रुपये 15 दिन के अंदर मृतक का नियोक्ता ठेकेदार दिलाएगा। जबकि एक माह के अंदर जांच पूरी होने पर शेष डेढ़ लाख रुपये भी दे दिए जाएंगे। जबकि मृतक आश्रित की नियुक्ति के लिए विभाग संस्तुति करेगा। ठेकेदार उसको एक माह के अंदर नियुक्त करेगा।
कोट-
कंट्रोल रूम से शट डाउन ले लिया गया था। ऐसे में लाइन में करंट कहां से दौड़ा। इसकी जांच की जाएगी।- मनोज अग्रवाल, एसडीओ ऊर्जा निगम
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सोमवार को श्रीनगर से करीब 12 किलोमीटर दूर देलचौरी गांव के खेतों में ऊर्जा निगम ट्रांसफार्मर लगा रहा था। दोपहर करीब डेढ़ बजे निगम के अवर अभियंता बीपी देवली ने कंट्रोल रूम से पोल पर चढ़ने के लिए शट डाउन मांगा। शट डाउन की पुष्टि होने के बाद उन्होंने संविदा लाइनमैन बीरबल सिंह (40 वर्ष) पुत्र प्रेम सिंह निवासी जसकोट को पोल पर चढ़ने को कहा। पोल पर चढ़ते ही बीरबल करंट के झटके से नीचे गिर गया। करंट से उसका शरीर बुरी तरह झुलसने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कोतवाल उत्तम सिंह, तहसीलदार वेदपाल सिंह, नायब तहसीलदार सुंदर सिंह रावत, ऊर्जा निगम के ईई एसके सहगल और एसडीओ मनोज अग्रवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव करते हुए निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। जेई देवली ने बताया कि उन्होंने शट डाउन की पुष्टि के लिए तीन बार कंट्रोल रूम में कॉल की थी। पुष्टि होने पर ही कर्मी को पोल पर चढ़ाया गया।
मृतक के दो नाबालिग बच्चे
श्रीनगर। मृतक बीरबल दो साल पहले ऊर्जा निगम में संविदा में लाइनमैन के पद पर नियुक्त हुआ था। उसके दो नाबालिग बच्चे हैं। मृतक के भाई कर्ण सिंह ने बताया कि इस हादसे से उसका परिवार टूट गया है। उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने भाई की मौत का जिम्मेदार निगम की लापरवाही बताया।
सहमति बनने पर शव उठाया
श्रीनगर। ग्रामीणों और अधिकारियों में सहमति बनने के बाद ग्रामीणों ने शाम लगभग 6.30 बजे के बाद मृतक लाइनमैन के शव को उठाने दिया। विभाग की ओर से मंगलवार को मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही अवर अभियंता देवली भी 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देंगे। बीमा राशि एक लाख रुपये 15 दिन के अंदर मृतक का नियोक्ता ठेकेदार दिलाएगा। जबकि एक माह के अंदर जांच पूरी होने पर शेष डेढ़ लाख रुपये भी दे दिए जाएंगे। जबकि मृतक आश्रित की नियुक्ति के लिए विभाग संस्तुति करेगा। ठेकेदार उसको एक माह के अंदर नियुक्त करेगा।
कोट-
कंट्रोल रूम से शट डाउन ले लिया गया था। ऐसे में लाइन में करंट कहां से दौड़ा। इसकी जांच की जाएगी।- मनोज अग्रवाल, एसडीओ ऊर्जा निगम