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मासूम से दुष्कर्म की कोशिश में नाबालिग को पांच साल की सजा
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पौड़ी। तहसील क्षेत्र के एक गांव में चार साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने पर एक नाबालिग को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पांच साल के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने नाबालिग को बाल सुधार गृह में भेजने का आदेश दिया है।
तहसील क्षेत्र पौड़ी के एक गांव में चार वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश की तहरीर 8 मई 2018 को दी गई थी। बच्ची के पिता ने बताया कि 7 मई 2018 को वह रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने गए थे, जबकि मां गांव में ही किसी कार्य से गई थी। तभी एक नाबालिग ने बच्ची को अकेला देख उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। जब मां घर पहुंची तो बच्ची ने उसे आपबीती बताई। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल करवाकर पोक्सो सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को 11 मई 2018 को घर से पकड़ लिया। तब से आरोपी बाल सुधार गृह में था। सोमवार को जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी जीएस धर्मशक्तू की अदालत ने नाबालिग को दोषी पाया। अधिवक्ता पोक्सो वृजेंद्र सिंह रावत और जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि अदालत ने नाबालिग को पांच साल की सजा सुनाने के साथ ही दो हजार का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने प्रदेश सरकार को पीड़िता को दो लाख का मुआवजा देने के आदेश दिए।
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तहसील क्षेत्र पौड़ी के एक गांव में चार वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश की तहरीर 8 मई 2018 को दी गई थी। बच्ची के पिता ने बताया कि 7 मई 2018 को वह रिश्तेदारी में शादी में शामिल होने गए थे, जबकि मां गांव में ही किसी कार्य से गई थी। तभी एक नाबालिग ने बच्ची को अकेला देख उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। जब मां घर पहुंची तो बच्ची ने उसे आपबीती बताई। पुलिस ने बच्ची का मेडिकल करवाकर पोक्सो सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को 11 मई 2018 को घर से पकड़ लिया। तब से आरोपी बाल सुधार गृह में था। सोमवार को जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी जीएस धर्मशक्तू की अदालत ने नाबालिग को दोषी पाया। अधिवक्ता पोक्सो वृजेंद्र सिंह रावत और जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि अदालत ने नाबालिग को पांच साल की सजा सुनाने के साथ ही दो हजार का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने प्रदेश सरकार को पीड़िता को दो लाख का मुआवजा देने के आदेश दिए।
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