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ढील के पहले दिन श्रीनगर के बाजारों में नियम तार-तार
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श्रीनगर। कोरोना संकट के बीच बकरीद से पहले दो दिन की ढील से श्रीनगर के बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। कुछ जगहों पर तो लोग सामाजिक दूरी का पालन करते और मास्क लगाए दिखे लेकिन अधिकतर बाजारों में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि यह दो दिन की ढील एक खतरे का संदेश लेकर आई है और आने वाले दिन बहुत चुनौती भरे रहेंगे।
श्रीनगर प्रशासन ने बुधवार और वीरवार को जरूरत के सामान की दुकानें खोलने की अनुमति दी है। बुधवार सुबह से बाजारों में काफी भीड़ देखने को मिली।
डॉक्टर एसोसिएशन कश्मीर (डाक) के अध्यक्ष डॉ. निसारुल हसन ने बताया कि मैंने पहले भी बोला है अगर लोग नहीं मानते तो प्रशासन को सख्त पाबंदियां लगानी चाहिएं। जब कोविड के मामले कम थे तब सख्त लॉकडाउन लागू किया गया और जब बढ़ गए तो जून में अनलॉक किया। श्रीनगर में बाग भी खोल दिए। डॉ. निसार ने कहा कि अब कोविड के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है और मौतें भी हो रही हैं। ऐसे में सरकार को अगर जिंदगियां बचानी हैं तो सख्त लॉकडाउन लागू करना चाहिए। दोन दिन की ढील एक बड़ी आपदा का रूप धारण कर सकती है। इसका आने वाले समय में बहुत बुरा असर पड़ेगा।
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श्रीनगर प्रशासन ने बुधवार और वीरवार को जरूरत के सामान की दुकानें खोलने की अनुमति दी है। बुधवार सुबह से बाजारों में काफी भीड़ देखने को मिली।
डॉक्टर एसोसिएशन कश्मीर (डाक) के अध्यक्ष डॉ. निसारुल हसन ने बताया कि मैंने पहले भी बोला है अगर लोग नहीं मानते तो प्रशासन को सख्त पाबंदियां लगानी चाहिएं। जब कोविड के मामले कम थे तब सख्त लॉकडाउन लागू किया गया और जब बढ़ गए तो जून में अनलॉक किया। श्रीनगर में बाग भी खोल दिए। डॉ. निसार ने कहा कि अब कोविड के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है और मौतें भी हो रही हैं। ऐसे में सरकार को अगर जिंदगियां बचानी हैं तो सख्त लॉकडाउन लागू करना चाहिए। दोन दिन की ढील एक बड़ी आपदा का रूप धारण कर सकती है। इसका आने वाले समय में बहुत बुरा असर पड़ेगा।
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