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श्रीकोट और कोटेश्वर में लगाए गए पिंजरे
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नागदेव रेंज के गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग ने पिंजरे लगा दिए हैं। वहीं, लोगों ने दिन के उजाले मेें गंगादर्शन बैंड के जंगल में गुलदार की चहलकदमी देखी है। गुलदारों की वजह से महिलाएं चारा पत्ती लेने जंगल जाने से डर रही हैं।
श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार सक्रिय हैं। लगभग 20 दिन पूर्व नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड-1 (श्रीकोट) में गुलदार ने चार घोड़े मार डाले थे। वार्ड-2 में गुलदार को लोगों ने देखा है। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में भी गुलदार सक्रिय रहता है। वहीं दो दिन पूर्व गुलदार ने गंगा दर्शन बैंड के पास जंगल में एक महिला को घायल कर दिया था। 15 दिन पूर्व इसी के पास स्कूटी सवार पत्रकार भी गुलदार के हमले में घायल हो गए थे।
रेंजर अनिल भट्ट ने बताया कि वार्ड एक और कोटेश्वर में पिंजरे लगा दिए गए हैं। यहां गुलदार की सक्रियता की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में जगह-जगह झाड़ियां उग जाती हैं। इससे गुलदार को छुपने की जगह मिल जाती है। उन्होंने जनता से नियमित रूप से झाड़ियों की सफाई करने की अपील की है। साथ ही घास लेने जंगल की ओर जाने वाली महिलाओं से समूह में रहने के लिए कहा है।
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श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार सक्रिय हैं। लगभग 20 दिन पूर्व नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड-1 (श्रीकोट) में गुलदार ने चार घोड़े मार डाले थे। वार्ड-2 में गुलदार को लोगों ने देखा है। मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में भी गुलदार सक्रिय रहता है। वहीं दो दिन पूर्व गुलदार ने गंगा दर्शन बैंड के पास जंगल में एक महिला को घायल कर दिया था। 15 दिन पूर्व इसी के पास स्कूटी सवार पत्रकार भी गुलदार के हमले में घायल हो गए थे।
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रेंजर अनिल भट्ट ने बताया कि वार्ड एक और कोटेश्वर में पिंजरे लगा दिए गए हैं। यहां गुलदार की सक्रियता की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में जगह-जगह झाड़ियां उग जाती हैं। इससे गुलदार को छुपने की जगह मिल जाती है। उन्होंने जनता से नियमित रूप से झाड़ियों की सफाई करने की अपील की है। साथ ही घास लेने जंगल की ओर जाने वाली महिलाओं से समूह में रहने के लिए कहा है।
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