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जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में है अपार संभावनाएं: प्रो. चौहान
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पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में जैव प्रौद्योगिकी व मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित कार्यशालाएं संपन्न हो गई हैं। इस मौके पर औषधि, उत्पादन, विपणन, रोजगार व स्वरोजगार को लेकर जानकारी प्रदान की गई। वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित दो सप्ताह का शिक्षक विकास कार्यक्रम भी संपन्न हो गया है।
जीबी पंत संस्थान के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित कार्यशाला में निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वर्तमान व भविष्य के दृष्टिगत अपार संभावनाएं हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. ममता बौंठियाल ने औषधि, उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पादन, भंडारण व विपणन के विभिन्न मानकों की जानकारी दी। संचालक राहुल आर्य व प्रांशु डंगवाल ने रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को लेकर छात्रों को प्रोत्साहित किया। जापान से डॉ. संदीप शिरोमणि, अमर पी धुले ने छात्र-छात्राओं को औषधीय उत्पादन उद्योगों की जानकारी दी। वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो सप्ताह की कार्यशाला में मैकेनिकल इंजीनियरों के लिए प्रयोगात्मक और संख्यात्मक तरीके विषय पर अंतराष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम संपन्न हो गया। कार्यशाला में सिंगापुर के राष्ट्रीय विवि से प्रो. झेंग मेंगकी, विक्टोरिया विवि न्यूजीलैंड के डॉ. तुलसी पराशर, आईआईटी बॉम्बे के प्रो. आईएस समजदार, आईआईटी दिल्ली के प्रो. एसआर काले, आईआईटी रुड़की के प्रो. आईवी सिंह, सीएसआईआर के डॉ. तिलक जोशी ने अपने-अपने शोध पत्र साझा किए। इस अवसर पर एनआईटी जयपुर के प्रो. अमर पटनायक, कुलसचिव संदीप कुमार, डा. यशवंत चौहान, टीक्यूप समन्वयक डा. भोला झा, प्रो. आशुतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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जीबी पंत संस्थान के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित कार्यशाला में निदेशक प्रो. एमपीएस चौहान ने कहा कि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वर्तमान व भविष्य के दृष्टिगत अपार संभावनाएं हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. ममता बौंठियाल ने औषधि, उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पादन, भंडारण व विपणन के विभिन्न मानकों की जानकारी दी। संचालक राहुल आर्य व प्रांशु डंगवाल ने रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को लेकर छात्रों को प्रोत्साहित किया। जापान से डॉ. संदीप शिरोमणि, अमर पी धुले ने छात्र-छात्राओं को औषधीय उत्पादन उद्योगों की जानकारी दी। वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो सप्ताह की कार्यशाला में मैकेनिकल इंजीनियरों के लिए प्रयोगात्मक और संख्यात्मक तरीके विषय पर अंतराष्ट्रीय ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम संपन्न हो गया। कार्यशाला में सिंगापुर के राष्ट्रीय विवि से प्रो. झेंग मेंगकी, विक्टोरिया विवि न्यूजीलैंड के डॉ. तुलसी पराशर, आईआईटी बॉम्बे के प्रो. आईएस समजदार, आईआईटी दिल्ली के प्रो. एसआर काले, आईआईटी रुड़की के प्रो. आईवी सिंह, सीएसआईआर के डॉ. तिलक जोशी ने अपने-अपने शोध पत्र साझा किए। इस अवसर पर एनआईटी जयपुर के प्रो. अमर पटनायक, कुलसचिव संदीप कुमार, डा. यशवंत चौहान, टीक्यूप समन्वयक डा. भोला झा, प्रो. आशुतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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