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Pauri News: बर्न वार्ड किए तैयार, सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त
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Iदीपावली पर्व पर पटाखों के कारण आगजगी को देखते हुए की गई व्यवस्थाI
दीपावली पर्व पर पटाखों या अन्य कारणों से किसी तरह की आगजनी की घटना होने पर जिला अस्पताल में बर्न वार्ड में उपचार की समुचित व्यवस्थाएं जुटा ली गई हैं। पौड़ी जिला अस्पताल में छह बेड और चमोली के जिला अस्पताल में दस बेड का बर्न यूनिट तैयार किया गया है।
पौड़ी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अडबाला विजय ने बताया कि दीपावली पर्व पर पटाखों या अन्य कारण से आग की घटनाएं होने पर अस्पताल में 500 मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्थाएं जुटा ली हैं। यहां छह बेड का बर्न वार्ड अस्पताल में बनाया गया है। बताया कि बर्न का बड़ा मामला सामने आने पर आईसीयू की सुविधा भी अस्पताल में है। वहीं सीएचसी पाबौ, घंडियाल, सीएचसी कोट, थलीसैंण में भी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं।
दीपावली पर्व पर पटाखों से जलने की घटनाओं को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में दस बेड का बर्न यूनिट तैयार किया है। जनपद के निजमुला, उर्गम, जोशीम, पीपलकोटी, मंडल और घिंघराण घाटी के गांवों के ग्रामीणों का यही एकमात्र चिकित्सा केंद्र है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग धनिक ने बताया कि जिला अस्पताल में बर्न यूनिट स्थापित की गई है। आग की घटनाओं में जलने वाले मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं।
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दीपावली पर्व पर पटाखों या अन्य कारणों से किसी तरह की आगजनी की घटना होने पर जिला अस्पताल में बर्न वार्ड में उपचार की समुचित व्यवस्थाएं जुटा ली गई हैं। पौड़ी जिला अस्पताल में छह बेड और चमोली के जिला अस्पताल में दस बेड का बर्न यूनिट तैयार किया गया है।
पौड़ी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अडबाला विजय ने बताया कि दीपावली पर्व पर पटाखों या अन्य कारण से आग की घटनाएं होने पर अस्पताल में 500 मरीजों के उपचार की समुचित व्यवस्थाएं जुटा ली हैं। यहां छह बेड का बर्न वार्ड अस्पताल में बनाया गया है। बताया कि बर्न का बड़ा मामला सामने आने पर आईसीयू की सुविधा भी अस्पताल में है। वहीं सीएचसी पाबौ, घंडियाल, सीएचसी कोट, थलीसैंण में भी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं।
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दीपावली पर्व पर पटाखों से जलने की घटनाओं को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल में दस बेड का बर्न यूनिट तैयार किया है। जनपद के निजमुला, उर्गम, जोशीम, पीपलकोटी, मंडल और घिंघराण घाटी के गांवों के ग्रामीणों का यही एकमात्र चिकित्सा केंद्र है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग धनिक ने बताया कि जिला अस्पताल में बर्न यूनिट स्थापित की गई है। आग की घटनाओं में जलने वाले मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं।
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