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Pauri News: पांच साल बाद भी पुनर्वास न होने पर तीर्थपुरोहितों में आक्रोश

Sat, 04 Jul 2026 07:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Updated Sat, 04 Jul 2026 07:29 PM IST
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Anger among the priests due to lack of rehabilitation even after five years
कहा-बदरीनाथ मास्टर प्लान के फेर में बेघर हुए तीर्थपुरोहित रह रहे धर्मशालाओं में
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प्रशासन की ओर से तीस फीसदी परिवारों को ही मुहैया आवास कराए गए आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत विस्थापित हुए तीर्थपुरोहित परिवारों का पांच साल बाद भी पुनर्वास न होने पर तीर्थपुरोहित समाज देवप्रयाग ने आक्रोश जताया। श्री बदरीनाथ मास्टर प्लान संघर्ष समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। तीर्थपुरोहितों ने कहा कि वर्ष 2021 और 2022 में मास्टर प्लान के पहले और दूसरे चरण के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में उनके पुश्तैनी आवासों को जमींदोज कर दिया गया था। तब से प्रभावितों को अस्थायी रूप से धर्मशालाओं में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. जमुना प्रसाद रैवानी ने बताया कि प्रशासन की ओर से बमुश्किल तीस फीसदी परिवारों को ही आवास मुहैया कराए गए हैं जबकि अधिकांश विस्थापित आज भी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। तीर्थपुरोहितों ने उनके नए आवास तप्तकुंड के समीप ही बनाने की मांग की क्योंकि उनके यजमानों के सभी अनुष्ठान इसी पवित्र स्थल पर होते हैं। उन्होंने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले कार्पेट एरिया के अनुसार आवासों की नाप-जोख की गई थी लेकिन अब उसमें दस फीसदी की कटौती कर आवास आवंटित किए जा रहे हैं जो उनके साथ धोखा है। समिति ने कहा कि अलकनंदा तट से लगी भूमि का भू-गर्भीय सर्वेक्षण करवाकर वहां भी आवास निर्माण की संभावनाएं तलाशी जाएं। बैठक में वर्तमान में बने तीस फीसदी आवासों में रसोई घर बनाने, सुरक्षा के लिए ग्रिल लगाने और सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी पुरजोर मांग उठाई गई। बैठक में उपाध्यक्ष दिवाकर बाबुलकर, सचिव संजय कोटियाल, कोषाध्यक्ष सुरेशचंद्र शास्त्री, संगठन मंत्री अशोक टोडरिया, देसिक पंडित, आशुतोष अलखनिया, सुधीर रैवानी, मौलिक जोशी और हीरालाल डंगवाल आदि मौजूद थे।
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