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उत्तराखंड से बाहर जाने वाला व्यक्ति प्रदेश के बारे में भी सोचे : महाराज
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उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार और लोक कलाकारों को ग्लोबल प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के मकसद से वेबीनार का आयोजन किया गया। रास डिजिटल मार्ट और एचएनके फिल्म मार्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज और उत्तराखंड पर्यटन विभाग की अपर निदेशक पूनम चांद भी शामिल हुए।
रविवार को आयोजित वेबीनार जय मां धारी देवी ढोल-दमाऊं ग्रुप ने ढोल-दमाऊं और मशक बीन की धुनों के साथ की। लोक गायिका हेमा नेगी करासी ने भी प्रस्तुति दी। पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि प्र्रगति के लिए उत्तराखंड से बाहर जाना वाला प्रत्येक व्यक्ति यहां के बारे में भी सोचे। जिस चीज के लिए वह विदेश गए हैं, उस चीज को उत्तराखंड में भी करवाने का प्रयास करें। यदि दिल से उत्तराखंड से जुड़ेंगे तो अवश्य ही यहां का विकास होगा। उन्होंने कहा कि जड़ों से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने भी अपने गांव में मकान बनाया। गांव में उन्होंने अपने बच्चों को स्थानीय साग-सब्जी और उत्पाद खिलाएं। आज बच्चे बोलते हैं कि उन्हें गांव जाना है। कार्यक्रम में इंटर्नशिप के अवसरों के लिए नेटवर्किंग सहायता, राज्य के सहयोग से ईको विलेज टूरिज्म में स्टार्टअप के लिए नवोदित उद्यमियों के लिए मंच प्रदान करने, युवाओं के लिए अवसर पैदा करने के लिए डिजिटल माध्यम का लाभ उठाने और प्रतिभाओं को दिशा देने में प्रौद्योगिकी व मानवीय पहल पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल विवि के प्रबंधन विभाग के पूर्व एचओडी प्रो. एसपी काला ने की। कार्यक्रम का संचालन गढ़वाल विवि एलुमनी एसोसिएशन के सचिव महिपाल रावत व पर्यटन विभाग के पूर्व छात्र पवन कोटियाल ने किया।
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रविवार को आयोजित वेबीनार जय मां धारी देवी ढोल-दमाऊं ग्रुप ने ढोल-दमाऊं और मशक बीन की धुनों के साथ की। लोक गायिका हेमा नेगी करासी ने भी प्रस्तुति दी। पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि प्र्रगति के लिए उत्तराखंड से बाहर जाना वाला प्रत्येक व्यक्ति यहां के बारे में भी सोचे। जिस चीज के लिए वह विदेश गए हैं, उस चीज को उत्तराखंड में भी करवाने का प्रयास करें। यदि दिल से उत्तराखंड से जुड़ेंगे तो अवश्य ही यहां का विकास होगा। उन्होंने कहा कि जड़ों से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने भी अपने गांव में मकान बनाया। गांव में उन्होंने अपने बच्चों को स्थानीय साग-सब्जी और उत्पाद खिलाएं। आज बच्चे बोलते हैं कि उन्हें गांव जाना है। कार्यक्रम में इंटर्नशिप के अवसरों के लिए नेटवर्किंग सहायता, राज्य के सहयोग से ईको विलेज टूरिज्म में स्टार्टअप के लिए नवोदित उद्यमियों के लिए मंच प्रदान करने, युवाओं के लिए अवसर पैदा करने के लिए डिजिटल माध्यम का लाभ उठाने और प्रतिभाओं को दिशा देने में प्रौद्योगिकी व मानवीय पहल पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल विवि के प्रबंधन विभाग के पूर्व एचओडी प्रो. एसपी काला ने की। कार्यक्रम का संचालन गढ़वाल विवि एलुमनी एसोसिएशन के सचिव महिपाल रावत व पर्यटन विभाग के पूर्व छात्र पवन कोटियाल ने किया।
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