{"_id":"13-79934","slug":"Pauri-79934-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांस विक्रेता से भिड़े छात्र नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांस विक्रेता से भिड़े छात्र नेता
Pauri
Updated Wed, 17 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। मांस विक्र्रेता के कथित तौर पर अभद्रता करने और हथियार दिखाने पर छात्र नेताओं ने बाजार में हंगामा कर दिया। छात्र नेताआें ने इस मामले में कोतवाली और तहसील में शिकायत की। हालांकि कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, मामला सुलझा लिया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार, छात्रसंघ महासचिव रजनीश लिंगवाण, ऋतांशु कंडारी और हिमांशु पौड़ी बस अड्डे से गणेश बाजार की ओर आ रहे थे। उनका आरोप है कि एक मांस विक्रेता की दुकान के आगे से गुजरते हुए उन पर जानवर के अवशेष फेंके गए। उन्होंने मांस विक्रेता को प्रतिबंध के बावजूद मंगलवार को दुकान खोलने और मांस के अवशेष फेंकने पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते दुकान में हंगामा होने लगा। छात्रोें का आरोप है कि विरोध करने पर मांस विक्रेता ने महासचिव लिंगवाण की गर्दन पर धारदार हथियार रख दिया।
हंगामे की सूचना मिलने पर छात्रसंघ अध्यक्ष दिव्यांशु बहुगुणा समेत अन्य छात्र मौके पर पहुंच गए। इसके बाद छात्र नेता जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंचे। उन्होंने दुकानदार के विरुद्ध कार्रवाई और तलाशी लेने की मांग की। तलाशी के दौरान दो लोगों की जेब से सब्जी काटने वाले चाकू भी बरामद हुए। कोतवाली में पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करा दिया। कोतवाली से छात्र सीधे तहसील में गए और एसडीएम रजा अब्बास से मुलाकात की। छात्रों का कहना था कि दुकानदार ने बंदी के बावजूद मंगलवार को दुकान खोली और धमकी दे रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मांस विक्रेता का कहना था कि उसने शटर बंद रखा हुआ था। सिर्फ एक कोने से दुकान की सफाई कर रहा था। उसने कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया। वह तो अपने खाने के लिए मुर्गा काट रहा था। एसडीएम ने विक्रेता को भविष्य में मंगलवार के दिन दुकान नहीं खोलने की हिदायत दी। एसडीएम के समझाने पर छात्र नेता शांत हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटनाक्रम के अनुसार, छात्रसंघ महासचिव रजनीश लिंगवाण, ऋतांशु कंडारी और हिमांशु पौड़ी बस अड्डे से गणेश बाजार की ओर आ रहे थे। उनका आरोप है कि एक मांस विक्रेता की दुकान के आगे से गुजरते हुए उन पर जानवर के अवशेष फेंके गए। उन्होंने मांस विक्रेता को प्रतिबंध के बावजूद मंगलवार को दुकान खोलने और मांस के अवशेष फेंकने पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते दुकान में हंगामा होने लगा। छात्रोें का आरोप है कि विरोध करने पर मांस विक्रेता ने महासचिव लिंगवाण की गर्दन पर धारदार हथियार रख दिया।
विज्ञापन
हंगामे की सूचना मिलने पर छात्रसंघ अध्यक्ष दिव्यांशु बहुगुणा समेत अन्य छात्र मौके पर पहुंच गए। इसके बाद छात्र नेता जुलूस की शक्ल में कोतवाली पहुंचे। उन्होंने दुकानदार के विरुद्ध कार्रवाई और तलाशी लेने की मांग की। तलाशी के दौरान दो लोगों की जेब से सब्जी काटने वाले चाकू भी बरामद हुए। कोतवाली में पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करा दिया। कोतवाली से छात्र सीधे तहसील में गए और एसडीएम रजा अब्बास से मुलाकात की। छात्रों का कहना था कि दुकानदार ने बंदी के बावजूद मंगलवार को दुकान खोली और धमकी दे रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मांस विक्रेता का कहना था कि उसने शटर बंद रखा हुआ था। सिर्फ एक कोने से दुकान की सफाई कर रहा था। उसने कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया। वह तो अपने खाने के लिए मुर्गा काट रहा था। एसडीएम ने विक्रेता को भविष्य में मंगलवार के दिन दुकान नहीं खोलने की हिदायत दी। एसडीएम के समझाने पर छात्र नेता शांत हो गए।
विज्ञापन