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निबंधक और सहकारिता सचिव करेंगे जांच
Pauri
Updated Sun, 19 Oct 2014 05:32 AM IST
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कोटद्वार। जिला सहकारी बैंक में नावार्ड की योजना के तहत संयुक्त देयता समूहों से जुडे़ ग्रामीणों को लोन दिलाने के लिए पैसे लेने का मामला शनिवार को बैंक की बोर्ड बैठक में भी उठा। अध्यक्ष अर्जुन सिंह बिष्ट ने डायरेक्टर प्रमोद राणा के आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा कि यह बैंक की साख को खराब करने का षड्यंत्र है। इससे न तो उनका और न ही किसी डायरेक्टर का कोई लेना देना है। इसके बावजूद इस मामले को निबंधक और सहकारिता सचिव को भेज दिया गया है। विभाग चाहे तो अपने स्तर भी इस मामले की छानबीन करा सकता है।
बोर्ड बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता में अध्यक्ष अर्जुन सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रमोद राणा बैंक के आमंत्रित सदस्य हैं। लोन के नाम पर जिस घपले की बात की जा रही है, उसका बैंक से कोई संबंध नहीं है। नावार्ड की इस योजना में ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने का काम एक संस्था देख रही है। संस्था के कामकाज पर मैनेजमेंट ने सवाल खडे़ किए थे, पूर्व सचिव ने अपने कार्यकाल में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसकी जांच पुलिस कर रही है। संबंधित एनजीओ को बोर्ड बैठक में अपना पक्ष रखने को कहा गया था। बोर्ड ने एक स्वर से इस मामले को जांच के लिए सहायक निबंधक पौड़ी गढ़वाल और सहकारिता सचिव को संदर्भित कर दिया है। बैंक पदाधिकारियों अथवा मैनेजमेेंट द्वारा इसमें कुछ भी छिपाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। इस दौरान बैंक के उपाध्यक्ष सुनील नेगी, नरेंद्र सिंह नेगी, रवींद्र सिंह बिष्ट, धीरेंद्र सिंह नेगी, कल्याण सिंह, होशियार सिंह नेगी, ओमप्रकाश सिंह बिष्ट, योगेंद्र प्रसाद डंगवाल, विमला देवी चमोली, गोविंद सिंह बिष्ट, प्रदीप सिंह आदि मौजूद थे।
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बोर्ड बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता में अध्यक्ष अर्जुन सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रमोद राणा बैंक के आमंत्रित सदस्य हैं। लोन के नाम पर जिस घपले की बात की जा रही है, उसका बैंक से कोई संबंध नहीं है। नावार्ड की इस योजना में ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने का काम एक संस्था देख रही है। संस्था के कामकाज पर मैनेजमेंट ने सवाल खडे़ किए थे, पूर्व सचिव ने अपने कार्यकाल में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसकी जांच पुलिस कर रही है। संबंधित एनजीओ को बोर्ड बैठक में अपना पक्ष रखने को कहा गया था। बोर्ड ने एक स्वर से इस मामले को जांच के लिए सहायक निबंधक पौड़ी गढ़वाल और सहकारिता सचिव को संदर्भित कर दिया है। बैंक पदाधिकारियों अथवा मैनेजमेेंट द्वारा इसमें कुछ भी छिपाने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। इस दौरान बैंक के उपाध्यक्ष सुनील नेगी, नरेंद्र सिंह नेगी, रवींद्र सिंह बिष्ट, धीरेंद्र सिंह नेगी, कल्याण सिंह, होशियार सिंह नेगी, ओमप्रकाश सिंह बिष्ट, योगेंद्र प्रसाद डंगवाल, विमला देवी चमोली, गोविंद सिंह बिष्ट, प्रदीप सिंह आदि मौजूद थे।
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