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जरूरत चार करोड़ की दिए आठ लाख
Pauri
Updated Wed, 17 Sep 2014 05:31 AM IST
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लैंसडौन। राजस्व कर्मियों के जर्जर आवासों में मरम्मत के लिए आठ आवासीय सेटों की मरम्मत के लिए चार करोड़ की बजाय शासन ने यहां सिर्फ आठ लाख रुपये ही मंजूर किए। ऐसे में भवनों की मरम्मत होना संभव नहीं है।
लैंसडौन में राजस्व विभाग के आठ आवासीय भवन हैं। जिसमें टाइप एक के छह और टाइप दो के दो आवास हैं। पुनर्निमार्ण के लिए विभाग ने दो करोड़ का प्राकलन भेजा था, जिसमें एक भी पैसा मंजूर नहीं हुआ। हाल ही में फिर इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्राकलन भेजा गया। अब शासन सिर्फ 8.50 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
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चतुर्थ श्रेणी के कमरे भी जीर्णशीर्ण
- तहसील में 18 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कमरे भी जीर्ण-शीर्ण हाल में हैं। इनके भी पुनर्निर्माण की जरूरत है। इन कमरों की छतों, खिड़कियों, दरवाजों की लकड़ियां सड़-गल गई हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है, लेकिन नगर में कमरे उपलब्ध नही हैं जिससे कर्मचारी मजबूरन इनमें रह रहे हैं।
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इनका कहना है
- तहसील के आवासों को पुनर्निर्माण की जरूरत है। फिलहाल शासन से रिपेयिरिंग के लिए 8.50 लाख रुपये मंजूर हुए हैं।
-शालिनी मौर्य, नायब तहसीलदार लैंसडौन
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लैंसडौन में राजस्व विभाग के आठ आवासीय भवन हैं। जिसमें टाइप एक के छह और टाइप दो के दो आवास हैं। पुनर्निमार्ण के लिए विभाग ने दो करोड़ का प्राकलन भेजा था, जिसमें एक भी पैसा मंजूर नहीं हुआ। हाल ही में फिर इसके लिए चार करोड़ रुपये का प्राकलन भेजा गया। अब शासन सिर्फ 8.50 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
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चतुर्थ श्रेणी के कमरे भी जीर्णशीर्ण
- तहसील में 18 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कमरे भी जीर्ण-शीर्ण हाल में हैं। इनके भी पुनर्निर्माण की जरूरत है। इन कमरों की छतों, खिड़कियों, दरवाजों की लकड़ियां सड़-गल गई हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है, लेकिन नगर में कमरे उपलब्ध नही हैं जिससे कर्मचारी मजबूरन इनमें रह रहे हैं।
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इनका कहना है
- तहसील के आवासों को पुनर्निर्माण की जरूरत है। फिलहाल शासन से रिपेयिरिंग के लिए 8.50 लाख रुपये मंजूर हुए हैं।
-शालिनी मौर्य, नायब तहसीलदार लैंसडौन