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12 दिन बाद जीते ग्रामीण, झुका प्रशासन
Pauri
Updated Fri, 03 May 2013 05:30 AM IST
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कोटद्वार। ग्रामीणों के 12 दिन के संघर्ष के बाद आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। टकोलीखाल-छानीखाल मोटर मार्ग निर्माण का कार्य अब एक सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन की मौजूदगी में लोनिवि ने आंदोलित ग्रामीणों को लिखित में आश्वासन दिया है। समझौते के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है।
रिखणीखाल ब्लाक के अंतर्गत टकोलीखाल में ग्रामीण पिछले 12 दिनों से धरना दे रहे थे। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे एसडीएम पीएल शाह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता निर्भय सैनी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से विस्तार से वार्ता की। वार्ता में तय हुआ कि प्रथम पांच किमी पर उच्चाधिकारियों से तुरंत बात कर काम शुरू करा दिया जाएगा। लोनिवि ने मार्ग बनने में देरी की बात को स्वीकारा और जल्द पूरा करने का भरोसा दिया। सात मई तक उच्चाधिकारियों से वार्ता कर ली जाएगी। आगे के लिए भी शीघ्र प्रयास तेज किए जाएंगे। प्रथम पांच किमी में अनगढ़, चिमना, अगरोेड़ा, सौदेली आदि गावों को इससे लाभ मिलेगा। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता ने किल्बौखाल टकोलीखाल के बीच में गदेरे पर पुल निर्माण दस दिनों में शुरू करने का आश्वासन दिया। वार्ता करने के दौरान दीबा रेंज के रेंजर भी उपस्थित थे।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन सिंह उनियाल ने कहा कि यदि समझौते के अनुसार कार्य शुरू नहीं किया गया तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उपवास में बैठने वालों में हीरा सिंह, पंचम सिंह, यशपाल सिंह, जगमोहन थे, जबकि धरने में बैठने वालों में दर्शन सिंह उनियाल, मनवन सिंह, नीलम देवी, सुमित्रा देवी, आशा देवी, रामपाल सिंह, छवाण सिंह, गबरू सिंह, बिगारी देवी सहित अन्य लोग मौजूद थे। आंदोलित ग्रामीणों से अफसरों की कई दौर की बात हो चुकी थी, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन के बगैर आंदोलन खत्म करने को राजी नहीं हो रहे थे।
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रिखणीखाल ब्लाक के अंतर्गत टकोलीखाल में ग्रामीण पिछले 12 दिनों से धरना दे रहे थे। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे एसडीएम पीएल शाह, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता निर्भय सैनी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से विस्तार से वार्ता की। वार्ता में तय हुआ कि प्रथम पांच किमी पर उच्चाधिकारियों से तुरंत बात कर काम शुरू करा दिया जाएगा। लोनिवि ने मार्ग बनने में देरी की बात को स्वीकारा और जल्द पूरा करने का भरोसा दिया। सात मई तक उच्चाधिकारियों से वार्ता कर ली जाएगी। आगे के लिए भी शीघ्र प्रयास तेज किए जाएंगे। प्रथम पांच किमी में अनगढ़, चिमना, अगरोेड़ा, सौदेली आदि गावों को इससे लाभ मिलेगा। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता ने किल्बौखाल टकोलीखाल के बीच में गदेरे पर पुल निर्माण दस दिनों में शुरू करने का आश्वासन दिया। वार्ता करने के दौरान दीबा रेंज के रेंजर भी उपस्थित थे।
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संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन सिंह उनियाल ने कहा कि यदि समझौते के अनुसार कार्य शुरू नहीं किया गया तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उपवास में बैठने वालों में हीरा सिंह, पंचम सिंह, यशपाल सिंह, जगमोहन थे, जबकि धरने में बैठने वालों में दर्शन सिंह उनियाल, मनवन सिंह, नीलम देवी, सुमित्रा देवी, आशा देवी, रामपाल सिंह, छवाण सिंह, गबरू सिंह, बिगारी देवी सहित अन्य लोग मौजूद थे। आंदोलित ग्रामीणों से अफसरों की कई दौर की बात हो चुकी थी, लेकिन ग्रामीण लिखित आश्वासन के बगैर आंदोलन खत्म करने को राजी नहीं हो रहे थे।
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