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पांच वर्ष से चेक नहीं हुई वेटिंग मशीन
Pauri
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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कोटद्वार। माप एवं बाट विभाग ने गत पांच साल से रेलवे की वेटिंग मशीन चेक नहीं की है, जबकि रेलवे की ओर से इसके लिए विभाग को प्रति वर्ष 260 रुपये दिया जाता है। बावजूद इसके विभाग लापरवाही बरत रहा है।
रेलवे स्टेशन कोटद्वार स्थित वेटिंग मशीन में वर्ष 2008 में की गई जांच की मुहर लगी हुई है। इसके बाद से विभाग का कोई भी कर्मचारी वहां नहीं गया है। जबकि रेलवे की ओर से वेटिंग मशीन की जांच के लिए विभाग को कई पत्र भेजे गए हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
रेलवे से पार्सल कराने वाले भी मशीन पर 2008 की जांच की मुहर देखकर कई सवाल उठा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2008 में जांच करने के बाद विभाग दोबारा जांच करना भूल गया है। रेलवे के पार्सल बाबू प्रेम बाबू का कहना है कि उन्होंने इसकी चेकिंग के लिए कई पत्र दिए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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वेटिंग मशीन की जांच के लिए विभाग को फिर से लिखा जाएगा। हालांकि इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन राज्य के नियमों के मुताबिक इसकी चेकिंग की जानी चाहिए।
-एमएस नेगी, स्टेशन अधीक्षक कोटद्वार
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रेलवे स्टेशन कोटद्वार स्थित वेटिंग मशीन में वर्ष 2008 में की गई जांच की मुहर लगी हुई है। इसके बाद से विभाग का कोई भी कर्मचारी वहां नहीं गया है। जबकि रेलवे की ओर से वेटिंग मशीन की जांच के लिए विभाग को कई पत्र भेजे गए हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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रेलवे से पार्सल कराने वाले भी मशीन पर 2008 की जांच की मुहर देखकर कई सवाल उठा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2008 में जांच करने के बाद विभाग दोबारा जांच करना भूल गया है। रेलवे के पार्सल बाबू प्रेम बाबू का कहना है कि उन्होंने इसकी चेकिंग के लिए कई पत्र दिए हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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वेटिंग मशीन की जांच के लिए विभाग को फिर से लिखा जाएगा। हालांकि इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन राज्य के नियमों के मुताबिक इसकी चेकिंग की जानी चाहिए।
-एमएस नेगी, स्टेशन अधीक्षक कोटद्वार