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सबूत होने के बावजूद गिरफ्तार न करने का आरोप
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:40 PM IST
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पौड़ी। सतपुलीसैंण के रहने वाले अमीर चंद ने चार लोगों पर बेटे राजेश चंद्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने संबंधी गुहार एसएसपी पौड़ी से लगाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने के बावजूद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है।
अमीर चंद ने बताया कि उनके बेटे के कमरे की चाबी पुलिस ने उन्हें दी है। इससे स्पष्ट है कि चाबी आरोपियों से ही लेकर दी गई। अब तक मृतक का मोबाइल फोन भी नहीं मिला, जबकि पुलिस ने कमरा खोलकर एक मोबाइल फोन एवं दो डायरियां अपने कब्जे में रखी हैं। ये सब सबूत आरोपियों को सलाखों के पीछे डालने के लिए काफी हैं, इसलिए आरोपियों का नारको टेस्ट कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पुलिस को दी शिकायत में अमीर चंद ने बताया था कि उनका बेटा राजेश चंद्र उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा लैंसडौन में संदेशवाहक के पद पर कार्यरत था। चार जुलाई रात करीब 10 बजे उन्हें राजेश चंद्र ने फोन कर बताया कि उसके सिर पर गंभीर चोटें लगी है, इसलिए जल्द उसके पास आ जाओ। बेटे ने बताया कि वह शाखा प्रबंधक के साथ गुमखाल की तरफ आ रहा है। गुमखाल तिराहे पर पहुंचकर जब उन्होंने बैंक मैनेजर से बात की तो उनका कहना था कि राजेश चंद्र गुमखाल की तरफ चला गया है। काफी खोजबीन करने के बाद भी राजेश का कहीं पता नहीं लगा। अमीर चंद ने बताया कि पांच जुलाई को बेटे का शव खाई में पड़ा मिला।
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कोट्स
मामले की निष्पक्षता से जांच चल रही है। कोई पुख्ता सबूत न मिलने के कारण गिरफ्तारी अभी तक संभव नहीं हो पाई है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से भी शिकायत की है। जांच में जो भी सामने आएगा, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-एमपी पुर्वाल, थानाध्यक्ष, लैंसडौन।
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अमीर चंद ने बताया कि उनके बेटे के कमरे की चाबी पुलिस ने उन्हें दी है। इससे स्पष्ट है कि चाबी आरोपियों से ही लेकर दी गई। अब तक मृतक का मोबाइल फोन भी नहीं मिला, जबकि पुलिस ने कमरा खोलकर एक मोबाइल फोन एवं दो डायरियां अपने कब्जे में रखी हैं। ये सब सबूत आरोपियों को सलाखों के पीछे डालने के लिए काफी हैं, इसलिए आरोपियों का नारको टेस्ट कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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पुलिस को दी शिकायत में अमीर चंद ने बताया था कि उनका बेटा राजेश चंद्र उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा लैंसडौन में संदेशवाहक के पद पर कार्यरत था। चार जुलाई रात करीब 10 बजे उन्हें राजेश चंद्र ने फोन कर बताया कि उसके सिर पर गंभीर चोटें लगी है, इसलिए जल्द उसके पास आ जाओ। बेटे ने बताया कि वह शाखा प्रबंधक के साथ गुमखाल की तरफ आ रहा है। गुमखाल तिराहे पर पहुंचकर जब उन्होंने बैंक मैनेजर से बात की तो उनका कहना था कि राजेश चंद्र गुमखाल की तरफ चला गया है। काफी खोजबीन करने के बाद भी राजेश का कहीं पता नहीं लगा। अमीर चंद ने बताया कि पांच जुलाई को बेटे का शव खाई में पड़ा मिला।
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मामले की निष्पक्षता से जांच चल रही है। कोई पुख्ता सबूत न मिलने के कारण गिरफ्तारी अभी तक संभव नहीं हो पाई है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से भी शिकायत की है। जांच में जो भी सामने आएगा, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-एमपी पुर्वाल, थानाध्यक्ष, लैंसडौन।