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साढ़े पांच साल बाद पर्यटक आवास गृह की ली सुध
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श्रीनगर। केदारनाथ जलप्रलय के साढ़े पांच साल बाद आखिरकार प्रदेश सरकार को मलबे में दबे पर्यटक आवास गृह (गेस्ट हाउस) की याद आ गई। क्षेत्रीय विधायक डा. धन सिंह रावत की पहल पर गेस्ट हाउस के सुधारीकरण और साज-सज्जा के लिए 40 लाख रुपये मंजूर हो गए हैं। इस माह में उक्त धनराशि के अवमुक्त होने की उम्मीद है।
कुछ समय पूर्व धन सिंह ने पर्यटन विभाग को उक्त गेस्ट हाउस की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। जिस पर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन)को इस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए थे। जीएमवीएन के सहायक अभियंता अजय दिवाकर ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व गेस्ट हाउस से मलबा सफाई, साज-सज्जा और मरम्मत का इस्टीमेट भेज दिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत का कहना है कि जीएमवीएन के 40 लाख रुपये के इस्टीमेट को मंजूरी मिल गई है। जल्दी गेस्ट हाउस का संचालन होगा।
कुछ समय पूर्व धन सिंह ने पर्यटन विभाग को उक्त गेस्ट हाउस की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। जिस पर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन)को इस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए थे। जीएमवीएन के सहायक अभियंता अजय दिवाकर ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व गेस्ट हाउस से मलबा सफाई, साज-सज्जा और मरम्मत का इस्टीमेट भेज दिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत का कहना है कि जीएमवीएन के 40 लाख रुपये के इस्टीमेट को मंजूरी मिल गई है। जल्दी गेस्ट हाउस का संचालन होगा।
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