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शिक्षा विभाग पर फीस के 4.46 करोड़ की देनदारी
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:30 PM IST
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पौड़ी। जिले के निजी स्कूलों में आरटीई एक्ट के तहत भर्ती छात्र-छात्राओं की फीस के 4.46 करोड़ रुपये की शिक्षा विभाग पर देनदारी हो गई है। आर्थिक संकट का हवाला देते हुए निजी स्कूल संचालक इस मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंच गए हैं।
जिले में 301 निजी स्कूल में प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 4800 छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं। आरटीई के तहत निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश देना होता है। इसका पालन सुनिश्चित कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों को प्रति छात्र अधिकतम 1383 रुपये की हर साल देता है। जिले में वर्ष 2015 से अब तक कुल 4.46 करोड़ रुपये की देनदारी विभाग पर बकाया है। निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति की धनराशि न मिलने से निजी स्कूल प्रबंधन वर्तमान में इन बच्चों पर धनराशि खर्च कर रहे हैं। वित्तविहीन मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालय एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग को कई ज्ञापन सौंपे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में भी गुहार लगाई है।
कोट
स्कूलों को प्रतिपूर्ति की धनराशि बजट के अभाव में जारी नहीं हो पा रही है। शिक्षा निदेशालय को इस बारे में पत्र भेजे जा रहे हैं। बजट मिलते ही स्कूलों को धनराशि जारी कर दी जाएगी। केएस रावत, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)
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जिले में 301 निजी स्कूल में प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 4800 छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं। आरटीई के तहत निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब परिवार के बच्चों को प्रवेश देना होता है। इसका पालन सुनिश्चित कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। शिक्षा विभाग निजी स्कूलों को प्रति छात्र अधिकतम 1383 रुपये की हर साल देता है। जिले में वर्ष 2015 से अब तक कुल 4.46 करोड़ रुपये की देनदारी विभाग पर बकाया है। निजी स्कूलों को प्रतिपूर्ति की धनराशि न मिलने से निजी स्कूल प्रबंधन वर्तमान में इन बच्चों पर धनराशि खर्च कर रहे हैं। वित्तविहीन मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालय एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग को कई ज्ञापन सौंपे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में भी गुहार लगाई है।
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कोट
स्कूलों को प्रतिपूर्ति की धनराशि बजट के अभाव में जारी नहीं हो पा रही है। शिक्षा निदेशालय को इस बारे में पत्र भेजे जा रहे हैं। बजट मिलते ही स्कूलों को धनराशि जारी कर दी जाएगी। केएस रावत, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)
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