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खेतों की सिंचाई के लिए पानी न मिलने से कई हैक्टेयर भूमि बंजर के कगार पर
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श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के घिल्डियाल गांव, जाखणी व देवली के लिए बनी सिंचाई पंपिंग योजना ग्रामीणों के लिए समस्या बनी है। किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी न मिलने पर कई हेक्टेयर कृषि भूमि बंजर में तब्दील हो चुकी है।
अलकनंदा नदी से ग्राम पंचायत घिल्डियालगांव, जाखणी व देवली के खेतों की सिंचाई के लिए बनी सिंचाई नलकूप योजना मात्र एक ही गांव तक सिमट कर रह गई है। वर्ष 2013 की आपदा में योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण किसानों को सिंचाई के लिए पानी नही मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान आशुतोष रावत ने बताया कि विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त पंप की मरम्म्त करवाई गई है, लेकिन कम क्षमता की पंप मशीन लगाई गई है। इससे पंप का पानी मात्र देवली गांव के खेतों तक ही पहुंच पा रहा है। इसके अलावा खेतों के लिए बनी सिंचाई गूलें भी क्षतिग्रस्त है। कहा कि कई बार विभाग को अवगत करवाने के बाद भी सचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे कई हेक्टेयर भूमि बंजर की कगार पर है। दूसरी ओर नलकूप विभाग के सहायक अभियंता दीपक पंवार ने बताया कि अवर अभियंता को योजना के निरीक्षण के लिए कहा गया है। जो भी संभव कार्य होगा शीघ्र करवा लिया जाएगा।
अलकनंदा नदी से ग्राम पंचायत घिल्डियालगांव, जाखणी व देवली के खेतों की सिंचाई के लिए बनी सिंचाई नलकूप योजना मात्र एक ही गांव तक सिमट कर रह गई है। वर्ष 2013 की आपदा में योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण किसानों को सिंचाई के लिए पानी नही मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान आशुतोष रावत ने बताया कि विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त पंप की मरम्म्त करवाई गई है, लेकिन कम क्षमता की पंप मशीन लगाई गई है। इससे पंप का पानी मात्र देवली गांव के खेतों तक ही पहुंच पा रहा है। इसके अलावा खेतों के लिए बनी सिंचाई गूलें भी क्षतिग्रस्त है। कहा कि कई बार विभाग को अवगत करवाने के बाद भी सचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे कई हेक्टेयर भूमि बंजर की कगार पर है। दूसरी ओर नलकूप विभाग के सहायक अभियंता दीपक पंवार ने बताया कि अवर अभियंता को योजना के निरीक्षण के लिए कहा गया है। जो भी संभव कार्य होगा शीघ्र करवा लिया जाएगा।
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