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श्रीनगर से ऋषिकेश के बीच रात में वाहनों की आवाजाही पर लगा प्रतिबंध
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श्रीनगर। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर चौड़ीकरण कार्य के चलते अगले साढ़े तीन माह तक रात 10 से सुबह 4 बजे तक श्रीनगर से ऋषिकेश के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। हालांकि चौड़ीकरण का काम कौड़ियाल-देवप्रयाग के बीच होना है, लेकिन इसका प्रभाव ऋषिकेश -श्रीनगर तक रहेगा। 28 जनवरी को टिहरी जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने आदेश को लागू करवा दिया है, लेकिन दो-तीन दिन में इस पर सख्ती से काम किया जाएगी।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड परियोजना का कार्य चल रहा है। सबसे अधिक संवेदनशील स्थान तोताघाटी को अभी तक छेड़ा नहीं गया है। यहां हार्ड रॉक, तीव्र ढलान व संकरा स्थान होने की वजह से काम के दौरान यातायात को चालू रखना चुनौतीपूर्ण है। शासन ने हार्ड रॉक तोड़ने के लिए दिसंबर 2018 में कार्यदायी एजेंसी को कंट्रोल ब्लास्टिंग की अनुमति दे दी।
पूर्व में यह विचार किया गया था कि तीन माह तक कौड़ियाला से देवप्रयाग के मध्य पूर्ण रूप से यातायात बंद रखा जाए, ताकि एजेंसी बिना किसी रुकावट के काम कर सके। प्रतिबंध की अवधि में वाहनों को व्यासघाट या टिहरी के रास्ते से निकालने का विचार था, लेकिन व्यवहारिक दृष्टि से यह उपयुक्त नहीं पाया गया। इसलिए बीच का रास्ता निकाला गया।
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डीएम टिहरी ने एसडीएम नरेंद्रनगर और कीर्तिनगर की रिपोर्ट मिलने के बाद एजेंसी को रात 10 से सुबह 4 बजे तक कौड़ियाला से देवप्रयाग के बीच यातायात प्रतिबंधित करने की अनुमति दे दी है। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मनोज बिष्ट ने बताया कि इस संबंध में टिहरी डीएम ने 28 जनवरी को अनुमति मिल गई है। दो-तीन दिन में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। अनुमति 3 माह 15 दिन के लिए मिली है। हालांकि रात के वक्त वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध कौड़ियाला से देवप्रयाग के मध्य करीब 35 किमी पैच पर लगाई गई है, लेकिन इस आदेश का प्रभाव श्रीनगर से ऋषिकेश के बीच पूरे हिस्से पर पड़ेगा। क्योंकि प्रतिबंधित क्षेत्र बदरीनाथ हाईवे के मध्य पड़ता है। ईई ने बताया कि आवश्यक वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। साथ ही ठेकेदार को तत्काल मलबा हटाने को कहा गया है।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड परियोजना का कार्य चल रहा है। सबसे अधिक संवेदनशील स्थान तोताघाटी को अभी तक छेड़ा नहीं गया है। यहां हार्ड रॉक, तीव्र ढलान व संकरा स्थान होने की वजह से काम के दौरान यातायात को चालू रखना चुनौतीपूर्ण है। शासन ने हार्ड रॉक तोड़ने के लिए दिसंबर 2018 में कार्यदायी एजेंसी को कंट्रोल ब्लास्टिंग की अनुमति दे दी।
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पूर्व में यह विचार किया गया था कि तीन माह तक कौड़ियाला से देवप्रयाग के मध्य पूर्ण रूप से यातायात बंद रखा जाए, ताकि एजेंसी बिना किसी रुकावट के काम कर सके। प्रतिबंध की अवधि में वाहनों को व्यासघाट या टिहरी के रास्ते से निकालने का विचार था, लेकिन व्यवहारिक दृष्टि से यह उपयुक्त नहीं पाया गया। इसलिए बीच का रास्ता निकाला गया।
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डीएम टिहरी ने एसडीएम नरेंद्रनगर और कीर्तिनगर की रिपोर्ट मिलने के बाद एजेंसी को रात 10 से सुबह 4 बजे तक कौड़ियाला से देवप्रयाग के बीच यातायात प्रतिबंधित करने की अनुमति दे दी है। लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता मनोज बिष्ट ने बताया कि इस संबंध में टिहरी डीएम ने 28 जनवरी को अनुमति मिल गई है। दो-तीन दिन में इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। अनुमति 3 माह 15 दिन के लिए मिली है। हालांकि रात के वक्त वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध कौड़ियाला से देवप्रयाग के मध्य करीब 35 किमी पैच पर लगाई गई है, लेकिन इस आदेश का प्रभाव श्रीनगर से ऋषिकेश के बीच पूरे हिस्से पर पड़ेगा। क्योंकि प्रतिबंधित क्षेत्र बदरीनाथ हाईवे के मध्य पड़ता है। ईई ने बताया कि आवश्यक वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। साथ ही ठेकेदार को तत्काल मलबा हटाने को कहा गया है।