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ुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पौड़ी की सड़को पर उतरे कर्मचारी
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:00 PM IST
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पौड़ी। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शनिवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी पौड़ी की सड़कों पर उतर आए। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली मंच शाखा गढ़वाल मंडल के बैनर तले कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने एजेंसी चौक से बस स्टैंड तक कैंडल मार्च निकाला।
मंडल मुख्यालय स्थित एजेंसी चौक पर एकत्र हुए कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से पुरानी पेंशन बंद कर कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कर्मचारियों पर जिस तरह से नई पेंशन योजना को थोपा गया है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में जीपीएफ की व्यवस्था थी, जबकि नई पेंशन में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ दिया जाता था, जबकि नई पेंशन योजना में पेंशन कितनी मिलेगी, यह निश्चित नहीं है। इसके अलावा नई पेंशन में ग्रेज्युटी की सुविधा भी समाप्त कर दी गई है। मंच के मंडलीय संयोजक जयदीप रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को जीपीएफ से आसानी से लोन लेने की सुविधा थी, लेकिन नई योजना में इसे समाप्त कर दिया गया है। मंच के सहसंयोजक सीताराम पोखरियाल ने कहा कि नियोक्ता की तरफ से पेंशन कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह वेतन का ही एक हिस्सा है। कैंडल मार्च निकालने वालों में मनोज ध्यानी, भवान सिंह नेगी, सोहन सिंह रावत, संजय नेगी, मनोज काला, संग्राम नेगी, मंगल सिंह व लक्ष्मण सिंह आदि शामिल रहे।
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मंडल मुख्यालय स्थित एजेंसी चौक पर एकत्र हुए कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से पुरानी पेंशन बंद कर कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। कर्मचारियों पर जिस तरह से नई पेंशन योजना को थोपा गया है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में जीपीएफ की व्यवस्था थी, जबकि नई पेंशन में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ दिया जाता था, जबकि नई पेंशन योजना में पेंशन कितनी मिलेगी, यह निश्चित नहीं है। इसके अलावा नई पेंशन में ग्रेज्युटी की सुविधा भी समाप्त कर दी गई है। मंच के मंडलीय संयोजक जयदीप रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों को जीपीएफ से आसानी से लोन लेने की सुविधा थी, लेकिन नई योजना में इसे समाप्त कर दिया गया है। मंच के सहसंयोजक सीताराम पोखरियाल ने कहा कि नियोक्ता की तरफ से पेंशन कोई एहसान नहीं है, बल्कि यह वेतन का ही एक हिस्सा है। कैंडल मार्च निकालने वालों में मनोज ध्यानी, भवान सिंह नेगी, सोहन सिंह रावत, संजय नेगी, मनोज काला, संग्राम नेगी, मंगल सिंह व लक्ष्मण सिंह आदि शामिल रहे।
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